
संबलपुर और झारसुगुड़ा जिलों में स्थित यह खदान घरेलू कोयले की उपलब्धता में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। रिकॉर्ड वार्षिक उत्पादन के साथ इस खदान ने 21 मार्च 2026 को 1,26,138.07 टन का अब तक का उच्चतम दैनिक उत्पादन और मार्च 2026 में 33.9 लाख टन का अब तक का उच्चतम मासिक उत्पादन भी दर्ज किया। उत्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ-साथ कोयले की आपूर्ति भी काफी अच्छी रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में खदान ने 176.9 लाख टन कोयले की अब तक की सबसे अधिक वार्षिक आपूर्ति दर्ज की। इसमें से लगभग 107.2 लाख टन कोयले की आपूर्ति विद्युत क्षेत्र को और 69.7 लाख टन गैर-विनियमित क्षेत्र को की गयी।
तलबीरा दूसरी और तीसरी खदानों से प्राप्त कोयला कई राज्यों में स्थित विद्युत उत्पादन संयंत्रों को आपूर्ति करता है, जिनमें एनटीपीसी डार्लीपाली, एनटीपीसी गदरवारा, एनटीपीसी खरगोन, एनटीपीसी कुडगी और ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु तथा पश्चिम बंगाल के अन्य विद्युत संयंत्र शामिल हैं। कोयला मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि इस खदान का प्रभाव उत्पादन और ऊर्जा आपूर्ति से कहीं अधिक व्यापक है। तलबीरा दूसरी और तीसरी खदानों से रोजगार के 3,277 अवसर प्राप्त होते हैं। इनमें 1,277 प्रत्यक्ष रोजगार और परिवहन एवं संबंधित गतिविधियों के माध्यम से लगभग 2,000 अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल हैं। परियोजना से प्रभावित पांच व्यक्तियों को भुवनेश्वर स्थित कौशल विकास संस्थान में कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त हुआ है, जबकि 101 ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आरएसईटीआई और पीएमकेवीवाई केंद्रों के माध्यम से सतत आजीविका पहलों में प्रशिक्षित किया गया है।
