
छतरपुर। शहर के तालाबों को प्रदूषण से बचाने के लिए वर्ष 2022 में मंजूर किया गया सीवर प्रोजेक्ट लंबे समय तक फाइलों में अटका रहा। तकनीकी खामियों, डीपीआर में देरी और बार-बार टेंडर निरस्त होने के कारण यह महत्वाकांक्षी योजना करीब चार साल तक शुरू नहीं हो सकी। अब नगर पालिका छतरपुर और मुंबई की कंपनी आरएनबी इंफ्रा के बीच अनुबंध होने के बाद परियोजना को नई गति मिली है।
ठेकेदार कंपनी ने नारायणपुरा रोड से अंतिम चरण का सर्वे शुरू कर दिया है, जिसे 90 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। सर्वे के बाद तैयार की जाने वाली ड्राइंग और तकनीकी दस्तावेजों का सत्यापन इंजीनियरिंग कॉलेज से कराया जाएगा, इसके बाद फाइल अंतिम मंजूरी के लिए भोपाल भेजी जाएगी। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
165 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में शहर में पांच पानी की टंकियों का निर्माण होगा। दूसरे चरण में तालाबों की सफाई और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। तीसरे चरण में 324 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछाने के साथ तीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और तीन पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
परियोजना में नरायणपुरा और राजनगर रोड पर एसटीपी तथा फ्लौठा और सौंरा तालाब में पंपिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे गंदा पानी तालाबों में जाने से रोका जा सके।
यदि यह योजना तय समय पर पूरी होती है, तो प्रताप सागर सहित शहर के सभी प्रमुख तालाबों को प्रदूषण से राहत मिलेगी और छतरपुर को स्वच्छ जलस्रोतों की नई पहचान मिल सकेगी।
