
आलीराजपुर, पुलिस अधीक्षक आलीराजपुर रघुवंश सिंह द्वारा प्रेसवार्ता के दौरान बताया गया कि दिनांक 22.08.2026 को फरियादी डॉ. राजेश अतुलकर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला आलीराजपुर द्वारा थाना कोतवाली में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया। फरियादी द्वारा बताया गया कि दिनांक 21.07.2026 को उनके निजी मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात मोबाइल नंबर से व्हाट्सऐप के माध्यम से एक पत्र प्राप्त हुआ, जो माननीय मुख्यमंत्री महोदय, मध्यप्रदेश शासन के नाम से तैयार किया गया था। उक्त पत्र माननीय मुख्यमंत्री महोदय के लेटर पैड एवं फोटो जैसा प्रतीत हो रहा था, जिसमें आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. निर्मला निगवाल का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उदयगढ़ से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सोंडवा स्थानांतरण किए जाने संबंधी आदेश दर्शाया गया था।
उक्त फर्जी पत्र की जानकारी प्राप्त होने पर फरियादी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। प्राप्त आवेदन एवं सूचना के आधार पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 409/26, धारा 318(4) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलीराजपुर श्रीमती ज्योति उमठ बघेल एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस आलीराजपुर श्री शक्तिसिंह चौहान के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी मुकेश को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन एवं टैबलेट जप्त किए गए हैं। साथ ही संबंधित एम.डी. विद्युत विभाग एवं स्कूल प्रशासन विभाग को भी पत्र जारी किए गए हैं।
विवेचना के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में सोंडवा साकड़ी निवासी नवलसिंह पिता घिरमटिया सरतिया के मोबाइल नंबर से फोन-पे के माध्यम से ₹45,000/- का ट्रांजेक्शन होना पाया गया। पूछताछ में उक्त कार्य के संबंध में ₹40,000/- में सौदा तय होना भी सामने आया है।
पुलिस द्वारा प्रकरण में आरोपी से पूछताछ कर फर्जी पत्र तैयार करने, व्हाट्सऐप के माध्यम से प्रसारित करने तथा आर्थिक लेन-देन से जुड़े अन्य तथ्यों के संबंध में विस्तृत विवेचना की जा रही है। प्रकरण में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में भी जांच जारी है।
आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी आलीराजपुर निरीक्षक सोनू सितोले, थाना प्रभारी नानपुर निरीक्षक राजेश डावर, उप निरीक्षक सुनील रंधे, प्रधान आरक्षक सुनील, प्रधान आरक्षक दिनेश, आरक्षक गंगाराम एवं साइबर पुलिस टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
