
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रज़ाई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रज़ाई ने कहा कि अमेरिका की आक्रामक नीतियों और सैन्य कार्रवाइयों ने वैश्विक परमाणु सुरक्षा को कमजोर किया है और दुनिया के कई देशों में परमाणु हथियार हासिल करने की होड़ को बढ़ावा दिया है।
रज़ाई के मुताबिक, अमेरिका के हालिया कदमों से यह संदेश गया है कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) और परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का हिस्सा होना भी किसी देश को अमेरिकी हमलों से पूरी तरह सुरक्षित नहीं करता। उनका दावा है कि इस स्थिति से परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने की अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ईरानी अधिकारी ने अमेरिकी प्रशासन के रवैये को लापरवाह बताते हुए कहा कि इसके कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा बढ़ने के बजाय असुरक्षा का माहौल मजबूत हो रहा है। ईरान का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय परमाणु नियमों और समझौतों के प्रति प्रतिबद्ध रहा है, लेकिन अमेरिका के दबाव, प्रतिबंधों और सैन्य कार्रवाइयों का उल्टा असर पड़ रहा है।
यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ा हुआ है। आर्थिक प्रतिबंधों, परमाणु कार्यक्रम और रणनीतिक समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच पहले से ही टकराव की स्थिति बनी हुई है।
रज़ाई के बयान से साफ है कि तेहरान अमेरिकी नीतियों को सिर्फ ईरान के खिलाफ कार्रवाई के तौर पर नहीं, बल्कि पूरी वैश्विक परमाणु सुरक्षा व्यवस्था के लिए खतरा मान रहा है। हालांकि, परमाणु हथियारों की होड़ बढ़ने संबंधी उनका बयान ईरानी पक्ष का आरोप है; इसके स्वतंत्र प्रभाव और दावे का आकलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग तरीके से किया जा सकता है।
