मुंबई, 22 अगस्त (वार्ता) रेलवे ने हरित और टिकाऊ माल परिवहन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसके तहत रेलवे मुंबई के जवाहरलाल मुंबई के नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) से गुजरात में वडोदरा मंडल के वर्नामा के लिए लंबी दूरी की पहली डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेन का परिचालन किया।
इस ट्रेन में कुल 360 कंटेनर थे। यह मालगाड़ी 21 अगस्त को शाम सात बजे जेएनपीटी से रवाना हुई और लगभग 422 किलोमीटर की दूरी तय करके अपने गंतव्य तक पहुंची।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर इस ट्रेन का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, “पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारा में पहली लंबी दूरी (1.3 किमी) वाली डबल स्टैक कंटेनर ट्रेन मुंबई के जेएनपीटी से गुजरात के बड़ोदरा जाती हुई।”
गौरतलब है कि डबल स्टैक कंटेनर ट्रेन एक विशेष प्रकार की मालगाड़ी है। इसमें एक डिब्बे के ऊपर दूसरे कंटेनर को रखकर (दो परतों में) एक साथ दोगुना माल ढोया जाता है।
रेलवे ने शनिवार को बताया कि एक ही ट्रेन में अधिक संख्या में कंटेनर ले जाने से बंदरगाहों और टर्मिनलों पर कंटेनरों के रुके रहने का समय कम होगा। इससे टर्मिनल पर भीड़ कम होगी और कंटेनरों को जल्दी बाहर भेजने में मदद मिलेगी।
रेलवे के अनुसार एक ट्रेन से अधिक कंटेनर ले जाने से समान मात्रा में माल पहुंचाने के लिए कम ट्रेनों की जरूरत होगी और उपलब्ध रेल मार्ग की क्षमता का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।
रेलवे ने कहा कि इस ट्रेन का परिचालन हरित और टिकाऊ माल परिवहन के प्रति भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह ट्रेन बिजली से चलने वाली है। इससे सड़क मार्ग से डीजल से चलने वाले वाहनों पर निर्भरता कम होती है।
रेलवे ने कहा कि एक लंबी दूरी की डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेन उतना माल ले जा सकती है, जिसे सड़क मार्ग से पहुंचाने के लिए काफी संख्या में ट्रकों की जरूरत पड़ सकती है। इससे डीजल की खपत, सड़कों पर ट्रैफिक, वाहनों से होने वाला प्रदूषण और माल परिवहन से होने वाला कार्बन का उत्सर्जन कम करने में मदद मिलती है।
