
आलीराजपुर । प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण के विरोध में विधायक सेना महेश पटेल ने मोटा उमर, सेवड़, बड़ी जुवारी-छोटी जुवारी, सेमलाया, उबगारी और पनेरी सहित विभिन्न गांवों में जनसंवाद कर ग्रामीणों की राय जानी। इस दौरान ग्राम सभाओं ने जमीन नहीं देने के प्रस्ताव पारित किए। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा—“जमीन हम नहीं देंगे, चाहे कुछ भी हो जाए।”
विधायक सेना पटेल ने कहा कि यह राजनीति का नहीं, बल्कि जल-जंगल-जमीन और आदिवासी समाज के अधिकारों का सवाल है। उन्होंने कहा कि जमीन संबंधी मुद्दे को विधानसभा से लेकर भोपाल तक उठाया जाएगा।
जनसंवाद में कई सरपंचों ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत और जनपद पंचायत के माध्यम से जमीन अधिग्रहण संबंधी प्रस्ताव पारित कराने के लिए बार-बार फोन किए जा रहे हैं। वहीं मोटा उमर के सरपंच हिरला चौहान और बड़ी जुवारी के सरपंच राजू भाई जुवारी ने ग्राम सभा के निर्णय के साथ खड़े रहने की बात कही।
आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने वीडियो कॉल से ग्रामीणों से संवाद कर एकजुट रहने की अपील की। वरिष्ठ कांग्रेस नेता सरदार अजनार ने भी आंदोलन में अधिक से अधिक ग्रामीणों की भागीदारी का आह्वान किया।
विधायक सेना महेश पटेल ने 25 अगस्त को जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित आंदोलन में महिलाओं, युवाओं, किसानों, सरपंचों एवं ग्रामीणों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं के प्रस्ताव और ग्रामीणों की आपत्तियां प्रशासन के समक्ष रखी जाएंगी।
ग्रामीणों का स्पष्ट संदेश—“जल, जंगल और जमीन हमारी पहचान है, जमीन हम नहीं देंगे।”
