
कन्नौद। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश अमित निगम की अदालत ने पत्नी की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या करने वाले अभियुक्त छतरसिंह (उम्र 36 वर्ष, निवासी घोड़ावर गोकन्या, जिला इंदौर) को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
घटना 12 मई 2024 की रात करीब 1:30 बजे कन्नौद थाना क्षेत्र के ग्राम ननासा (भील मोहल्ला) स्थित फरियादी मोहन के घर की है। अभियुक्त अपनी पत्नी गुलबाई और पुत्री सुमन के साथ ससुराल आया हुआ था। देर रात विवाद होने पर गाली-गलौज का विरोध करने पर छतरसिंह ने घर में रखी कुल्हाड़ी से पत्नी की गर्दन पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बीच-बचाव करने आए ससुर मोहन और पुत्री सुमन पर भी आरोपी ने हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी तहजीब काजी द्वारा सूक्ष्म एवं वैज्ञानिक विवेचना की गई। टीआई ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए, हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी जब्त कर आरोप-पत्र अदालत में प्रस्तुत किया, जिससे आरोपी के खिलाफ ठोस आधार तैयार हुआ। अदालत में राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक दीपकुमार पटवा ने प्रभावी पैरवी की। उन्होंने प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों, मेडिकल रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों को मजबूती से प्रस्तुत करते हुए आरोपी को कठोरतम सजा देने की मांग की। पूरी न्यायिक प्रक्रिया में कोर्ट मोहर्रिर (महिला आरक्षक) सोमलता तोमर का सराहनीय सहयोग रहा। मामले के सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद न्यायाधीश अमित निगम ने अभियुक्त छतरसिंह को धारा 302 भादवि (हत्या) के तहत आजीवन सश्रम कारावास व 2,000 रुपए अर्थदंड तथा धारा 324 भादवि (घायलों पर हमला) में 1-1 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया। जुर्माना नहीं भरने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भी अभियुक्त को भुगतना होगा। अदालत में राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक दीपकुमार पटवा ने प्रभावी पैरवी की।
