
उनकी पृथक पहचान, स्थायी राजनीतिक समाधान और भारत के संविधान के तहत मान्यता संबंधी मांगों को भी बैठक के दौरान उठाया गया। गृह मंत्री ने संविधान के दायरे में इन मुद्दों के शीघ्र स्थायी राजनीतिक समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने समुदाय की अन्य सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का भी भरोसा दिलाया और कहा कि केंद्र से पर्याप्त धनराशि से सभी लंबित मुद्दों का समाधान सुनिश्चित होगा।
इसके तौर तरीकों को अंतिम रूप देने के लिए पूर्व राष्ट्रीय उप सुरक्षा सलाहकार एवं मौजूदा वार्ताकार पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया, जो संविधान के तहत पश्चिम बंगाल के पहाड़ी क्षेत्र के लोगों के लिए स्थायी राजनीतिक समाधान की दिशा में तैयार किए जाने वाले अंतिम समझौते के मसौदे को अंतिम रूप देगी। पहाड़ी क्षेत्रों के राजनीतिक प्रतिनिधियों सांसद राजू बिस्ता, सांसद हर्षवर्धन सिंगला, राज्य के पहाड़ी मामलों के मंत्री बिशाल लामा, जीजेएम नेता बिमल गुरुंग, जीएनएलएफ नेता मान घीसिंग, विधायक भरत छेत्री, विधायक सोनम लामा, विधायक नोमन राई, सीपीआरएम नेता जेबी राई, गोरानिमो नेता दावा पाखरीन और सुमेती नेता बिकाश राई भी उपस्थित थे।
