
इस समझौते के साथ ही इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) और मॉरीशस की स्टेट ट्रेडिंग कॉरपोरेशन (एसटीसी) के बीच पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के लिए एक पांच वर्ष का दीर्घकालिक बिक्री-खरीद समझौता भी हुआ। इस समझौते के तहत भारतीय कंपनी मॉरीशस की पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन की पूरी जरूरत के बराबर ईंधन की आपूर्ति करेगी। हाल के वर्षों में दक्षिण एशिया के बाहर किसी भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनी द्वारा किया गया यह पहला दीर्घकालिक आपूर्ति समझौता है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि तेल एवं गैस क्षेत्र में जी2जी सहयोग दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऊर्जा सहयोग को अधिक मजबूत संस्थागत रूप देगा। इसमें पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति, मॉरीशस के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण तथा जैव ईंधन के क्षेत्र में सहयोग शामिल है। श्री पुरी ने इस यात्रा के दौरान ऊर्जा एवं सार्वजनिक उपयोगिता मंत्री पैट्रिक गेरवाइस असिरवाडेन, वाणिज्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री जॉन माइकल त्ज़ून साओ येउंग सिक युएन, विदेश मामलों और क्षेत्रीय एकीकरण एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री धनंजय रामफुल के साथ अलग अलग बैठकें कीं।
पेट्रोलियम मंत्री ने पोर्ट लुई के मेर रूज में इंडिया ऑयल (मॉरीशस) लिमिटेड की 27.5 हजार टन क्षमता वाली बंकर मरीन फ्यूल भंडारण सुविधा के भूमिपूजन समारोह में भी भाग लिया। विज्ञप्ति में कहा गया है कि मॉरीशस के साथ हुआ यह समझौता भारत को देश के प्रमुख ईंधन आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करता है और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक एवं आर्थिक उपस्थिति को और मजबूत करता है। भारत एक प्रमुख वैश्विक रिफाइनिंग केंद्र के रूप में उभरा है। देश की 23 रिफाइनरियों से हर वर्ष 26.7 करोड़ टन परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों का उत्पादन होता है, जिससे भारत परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों का शुद्ध निर्यातक बन गया है।
भारत पहले से ही नेपाल और भूटान की पेट्रोलियम आवश्यकताओं को पूरा करता है तथा क्षेत्र के अन्य देशों और उससे बाहर भी बड़ी मात्रा में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करता है। पश्चिम एशिया में जारी संकट के दौरान भी भारत ने नेपाल और भूटान के लिए अपनी आपूर्ति प्रतिबद्धताओं को पूरा किया है, जिससे वह क्षेत्र के लिए एक भरोसेमंद ऊर्जा सुरक्षा प्रदाता के रूप में सामने आया है। मॉरीशस के साथ जैव ईंधन के क्षेत्र में सहयोग के प्रावधानों के अंतर्गत ज्ञान, अनुसंधान और प्रशिक्षण के क्षेत्र में आदान-प्रदान किया जाएगा। मॉरीशस भारत की पहल पर शुरू किये गये ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस (जीबीए) का संस्थापक सदस्य है। इसे भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान शुरू किया गया था।
अपने देश-विशिष्ट सहयोग कार्यक्रम के तहत जीबीए सचिवालय ने मॉरीशस के ऊर्जा एवं सार्वजनिक उपयोगिता मंत्रालय के साथ मिलकर देश के लिए ‘बायोफ्यूल्स कंट्री लैंडस्केप पॉलिसी’ (जैव ईंधन देश-परिदृश्य नीति) ढांचा विकसित करने के लिए साझेदारी की है। मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी और माननीय पैट्रिक गेरवाइस असिरवाडेन ने 21 अगस्त को संयुक्त रूप से बायोफ्यूल्स कंट्री लैंडस्केप पॉलिसी ढांचे का शुभारंभ किया। यह मॉरीशस के लिए जैव ईंधन के माध्यम से अपनी ऊर्जा संक्रमण यात्रा की संभावनाओं का पता लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक कदम है।
