
श्री कार्नी ने कहा कि अमेरिकी प्रस्ताव में अंतिम समय में किये गये बदलाव को “अनुचित और आर्थिक रूप से अव्यावहारिक” पाये जाने के बाद कनाडा ने अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता स्थगित कर दी है। यह घटनाक्रम आधी रात की समयसीमा से कुछ घंटे पहले हुआ, जिससे दोनों देशों के बीच समझौते की बची उम्मीदें भी खत्म हो गयीं।
श्री कार्नी ने एक बयान में कहा, “आज आधी रात अमेरिका करीब 28 अरब डॉलर के कनाडाई सामान पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने जा रहा है। कनाडा अपने श्रमिकों और कारोबारों की सुरक्षा के लिए इन शुल्कों का डॉलर के बदले डॉलर जवाब देगा।” उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रस्ताव में किये गये अंतिम समय के बदलावों से किसी भी समझौते की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गये हैं। उन्होंने कनाडाई वार्ताकारों को वापस ओटावा लौटने का निर्देश दिया।
यह वार्ता ऐसे समय विफल हुई है जब पूरे सप्ताह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, श्री कार्नी और दोनों देशों के वरिष्ठ व्यापार अधिकारियों के बीच गहन बातचीत चल रही थी। श्री ट्रंप ने इससे पहले शुल्क लागू करने की समयसीमा तीन दिन बढ़ा दी थी, जिससे दोनों देशों के बीच समझौता होने की उम्मीद बढ़ी थी।
श्री ट्रंप ने इसी सप्ताह की शुरुआत में कहा था, “हम कनाडा के साथ एक समझौते पर पहुंच गए हैं।” उन्होंने कहा था कि समझौते को अंतिम रूप देने के लिए दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करना बाकी है।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि कनाडा ने अंततः इसी सप्ताह तय की गई शर्तों पर व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, “आज रात कनाडा ने इस सप्ताह की शुरुआत में तय शर्तों के तहत व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने से इनकार कर दिया।” उन्होंने ओटावा पर नयी मांगें रखने और पहले किए गए वादों से पीछे हटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रस्ताव में इस्पात, एल्युमीनियम, ऑटोमोबाइल और लकड़ी पर शुल्कों में ‘महत्वपूर्ण कटौती’ के साथ एक ‘ऐतिहासिक आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा साझेदारी’ शामिल थी।
श्री कार्नी ने कहा कि अमेरिका के अंतिम प्रस्तावों ने वार्ता के दौरान हुई प्रगति को कमजोर कर दिया। उन्होंने कहा कि अंतिम समय में प्रस्तावित शर्तें ‘अनुचित, आर्थिक रूप से अव्यावहारिक’ थीं। उन्होंने किसी समझौते की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा किया। नये अमेरिकी शुल्क करीब 28 अरब डॉलर मूल्य के कनाडाई सामान पर लागू होंगे, जो दोनों देशों के बीच कुल व्यापार की तुलना में एक छोटा हिस्सा है। प्रभावित उत्पादों में सीमेंट, हार्डवुड और अन्य कनाडाई सामान शामिल हैं। अमेरिका ने फिलहाल ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और मछली जैसे कुछ प्रमुख कनाडाई उत्पादों को शुल्क से बाहर रखा है, हालांकि शुल्क का दायरा आगे बदल सकता है।
अमेरिका कनाडाई इस्पात, एल्युमीनियम और ऑटोमोबाइल पर शुल्क कम करने पर भी विचार कर रहा था। इस्पात और एल्युमीनियम पर फिलहाल 50 प्रतिशत तक शुल्क है, जबकि कनाडाई वाहनों के गैर-अमेरिकी हिस्से पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया जाता है। अमेरिकी मीडिया ने वार्ता से जुड़े अधिकारियों के हवाले से बताया कि ऑटोमोबाइल पर शुल्क घटाकर 15 प्रतिशत करने पर चर्चा हुई थी।
रिपोर्टों के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि कनाडा ऐसी रियायतें मांग रहा था जिन्हें वाशिंगटन देने को तैयार नहीं था, खासकर ऑटोमोबाइल तथा इस्पात, एल्युमीनियम और लकड़ी के व्यापार से जुड़े मुद्दों पर। श्री ट्रंप ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि कोई भी समझौता ‘हमारे किसानों के लिए शानदार’ होगा।
श्री कार्नी ने कहा कि ओटावा कनाडाई श्रमिकों और कारोबारों की सहायता के लिए अतिरिक्त उपाय करेगा। उन्होंने बताया कि पिछले 18 महीनों में कनाडा करीब 25 अरब कनाडाई डॉलर की सहायता पहले ही उपलब्ध करा चुका है। उन्होंने कहा कि कनाडा की आर्थिक रणनीति घरेलू उद्योगों को मजबूत करने और निर्यात बाजारों में विविधता लाने पर केंद्रित है।
श्री कार्नी ने कहा, “कनाडा के पास वह सब है जिसकी दुनिया को जरूरत है। हम किसी भी देश को अपना भविष्य तय करने की अनुमति नहीं देंगे। हम अपना रास्ता खुद तय करेंगे और सभी के लिए एक मजबूत कनाडा का निर्माण जारी रखेंगे।” ट्रंप प्रशासन 1930 के दशक के एक कम इस्तेमाल किये गये अमेरिकी व्यापार कानून ‘सेक्शन 338’ का भी सहारा ले रहा है। इस प्रावधान के तहत प्रशासन उन परिस्थितियों में शुल्क लगा सकता है, जब वह यह निर्धारित करे कि कोई विदेशी देश अमेरिकी वाणिज्य के साथ भेदभाव कर रहा है। इस प्रावधान को कानूनी चुनौती मिलने की संभावना है।
यदि इसे बरकरार रखा जाता है तो प्रशासन को कनाडा और संभावित रूप से अन्य व्यापारिक साझेदारों पर 50 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का एक अतिरिक्त रास्ता मिल सकता है। ट्रंप प्रशासन द्वारा इस्तेमाल किये जा रहे कुछ अन्य शुल्क प्रावधानों के विपरीत, सेक्शन 338 में शुल्क लागू रखने के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं दिखती। ऐसे में इन्हें वापस लिए जाने तक अनिश्चित अवधि के लिए लागू रखा जा सकता है। प्रारंभिक शुल्क कार्रवाई में शामिल कनाडाई सामान करीब 500 उत्पादों की श्रेणियों में हैं। इनमें उन उद्योगों से बाहर के उत्पाद भी शामिल हैं जो ट्रंप की व्यापार संबंधी शिकायतों के केंद्र में रहे हैं। व्यापार वार्ता स्थगित होने के बाद दोनों देशों पर यह दबाव बढ़ गया है कि विवाद को व्यापक व्यापार युद्ध में बदलने से रोका जाए। ऐसा होने पर पूरे उत्तरी अमेरिका में आपूर्ति शृंखलाएं प्रभावित हो सकती हैं और कारोबारों की लागत बढ़ सकती है।
