
मंगलवार को इजरायली मानवाधिकार संगठनों ‘इर अमिम’, ‘बिमकोम’ और ‘पीस नाउ’ ने बताया कि अग्रिम सूचना देने की पूर्व प्रतिबद्धता के बावजूद इजरायल ने इस योजना को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं को सूचित किये बिना परियोजना के तहत 1,234 सेटलमेंट यूनिट के लिए निविदा जारी कर दी है। व्यापक ई-1 योजना में लगभग 3,400 सेटलमेंट यूनिट के निर्माण की परिकल्पना की गयी है और इसका उद्देश्य फिलिस्तीनी भूमि पर निर्माण के जरिये इजरायली बस्ती ‘माले अदुमिम’ को कब्जे वाले पूर्वी येरूशलेम से जोड़ना है। आलोचक लंबे समय से चेतावनी देते रहे हैं कि यह परियोजना पश्चिम तट को व्यावहारिक रूप से विभाजित कर देगी और द्वि-राष्ट्र समाधान के लिए आवश्यक भौगोलिक निरंतरता को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचायेगी।
श्री अनवर ने कहा कि कब्जे वाले पश्चिमी तट में इजरायली बस्तियां अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध हैं। इसके साथ ही उन्होंने इजरायल पर ‘बिना किसी डर या जवाबदेही के’ बस्तियों के विस्तार को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह ताजा कदम पश्चिमी तट में फिलिस्तीनी नागरिकों के खिलाफ अभूतपूर्व हिंसा और गाजा में इजरायल के जारी युद्ध के बीच उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से यह साबित होता है कि इजरायल ने शांति चाहने या अंतरराष्ट्रीय समुदाय की इच्छा का सम्मान करने का दिखावा भी छोड़ दिया है।
श्री अनवर ने फिलिस्तीनी लोगों और एक संप्रभु, व्यावहारिक, अखंड और स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य के उनके ‘अपरिहार्य अधिकार’ के प्रति मलेशिया के समर्थन को दोहराया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को इन निविदाओं में हिस्सा न लेने की चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा, “मलेशिया इन निविदाओं में भाग लेने का विकल्प चुनने वाली किसी भी अंतरराष्ट्रीय कंपनी पर करीबी नजर रखेगा और उसी के अनुसार कार्रवाई करेगा।”
