
मन्दसौर। रक्षाबंधन के त्यौहार और पर्यावरण के प्रति जागरूकता दिखाते हुए दशपुर योग शिक्षा संस्थान महिला इकाई मंदसौर ने द्वितीय वर्ष कार्यशाला आयोजित कर ‘‘बीज राखी कार्यशाला’’ का आयोजन योग भवन में किया गया। जिसमें उपस्थित बहनों ने विभिन्न प्रकार के बीज, कपड़ों की कतरन, रेशम डोरी से इको फ्रेंडली हेंडमेड अनोखी राखीयां बनाई, जिसे खूब सराहा गया।
महिला इकाई अध्यक्ष प्रीति जैन ने कहा कि इस तरह की राखियों की कार्यशाला बनाने का उद्देश्य सेव एनवायरमेंट का संदेश देना है क्योंकि पर्यावरण भी एक प्रकार से हमारा रक्षक है। भाईयों की कलाई पर जब राखी पुरानी होने लगे तो इसे फेंकने के बजाय वो राखी का बीज गमले में रौंप देंगे तो सुंदर पौधा बनकर तैयार हो जायेगा जो भाई-बहन के अटूट प्रेम की निशानी बनकर रहेगा व पर्यावरण संरक्षण भी होगा।
क्राफ्ट विशेषज्ञ शांकी कश्यप ने बताया कार्यशाला में क्ले का उपयोग कर कलावे के भीतर तथा कपड़े की कतरन को रेशम की धागों पर सजाकर उसपर आकर्षक रूप से बीजो को चिपकाया गया है। इन राखियों मंे तुलसी, गिलकी, करेला, ककड़ी, ग्वारफली, खिरा, लोंकी, अडेनियम आदि कई तरह के बीज डाले व चिपकाये गये है। जिससे एक पौधा बनकर भाई बहन के प्रेम का साक्षी बनेगा। इन बीजों से जो सब्जियां घर में लगेगी तो ताजा सब्जीयां भी घर में ही मिलेगी। यह राखियां जहां कम लागत में तैयार हो जाती है जो दिखने में आकर्षक व इको फ्रेण्डली भी है।
इस अवसर पर सोरभ जैन, अंतिमबाला मालवीय, सुमन रावल, संगीता सक्सेना, साधना जैन, जापानी भावनानी, हेमा पारख, अलका गर्ग, करिश्मा गोखलानी, गीता पोरवाल, जागृति सेठिया, सुनीता सेठिया, कुसुम सेठिया, प्रेमलता, हेमलता, शारदा देवी, प्रार्थना पाठक, शैला जैन, ज्योति लालवानी, वीणा ज्ञानचंदानी, सपना कोतक, मोनल नानकानी, रितिका, आरूषी डूंगरवाल आदि उपस्थित थे। आभार शांकी कश्यप ने माना।
