
उन्होंने कहा कि जन कौशल केंद्र के माध्यम से हजारों युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ने और अपने करियर को नयी दिशा देने का अवसर मिलेगा।
केवल युवा ही नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिक और बुजुर्ग भी यहां आकर एआई और नई तकनीकों को सीखने का प्रयास कर रहे हैं। मोती नगर का यह जन कौशल केंद्र भले ही आकार में छोटा हो, लेकिन यह उस बड़े लक्ष्य की मजबूत नींव की एक महत्वपूर्ण ईंट है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शिक्षा और कौशल से जोड़ने का लक्ष्य सामने रखा है। इसका उद्देश्य युवाओं को ऐसी आधुनिक क्षमताओं से लैस करना है, जिससे वे बदलती दुनिया और भविष्य की अर्थव्यवस्था की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सशक्त समाज के लिए शिक्षा और कौशल के साथ स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता से नागरिकों को अपने आसपास ही आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिल सकेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य और कौशल विकास की सुविधाएं पहुंचाना सरकार और सामाजिक संस्थाओं की साझा जिम्मेदारी है।
