वृद्धाश्रम में बच्चों ने बनाए माटी के गणेश

धार. मूर्तियों का भारतीय संस्कृति व इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान है। मन्दिर में बड़े पर गृहस्थ जीवन में छोटी मूर्ति स्थापना का विधान है। पर्यावरण संरक्षक के लिए हमें मिट्टी के गणेश जी ही स्थापित करना चाहिए। माटी के गणेश बनाने व सिखाने का उद्देश्य यही है कि आप दुनिया के किसी भी कोने में रहने चले जाए अपनी संस्कृति को जीवित रखने के लिए अपने गणेश जी स्वयं बनाये व पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दे। यह विचार मुख्य प्रशिक्षक श्रीमती तृप्ति मिश्रा ने श्रद्धालय वृद्धाश्रम में आयोजित माटी गणेश निर्माण कार्यशाला में व्यक्त किए। हस्तशिल्प निगम से सम्बध्द तृप्ति मिश्रा का जिन्होंने पिछले 20 वर्षों से हजारों बच्चों को नि:शुल्क प्रशिक्षण देने व बच्चों को मूर्ति निर्माण सिखाने के उपयोगी कार्य के लिए पर्यावरण एवं संस्कृति संरक्षक योद्धा सम्मान 2026 तथा मालवांचल की आदिवासी कला संस्कृति को पिछले 2 दशकों से राष्ट्रीय व वैश्विक परिपेक्ष्य में संवर्धन के लिए युवा रंगकर्मी अनूप श्रीवास्तव को रंग योद्धा सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। धार चैप्टर संयोजक डॉ दीपेंद्र शर्मा ने बताया कि कार्यशाला में चार स्कूलों के 85 बच्चों व 25 वृद्धजनों व शिक्षकों ने सहभागिता की। बच्चे अपने बनाएं गणेश जी इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर घरों में स्थापित करेंगे। कार्यशाला भोज शोध संस्थान व इंटेक धार चैप्टर द्वारा आयोजित की गई। कार्यशाला संयोजक अतुल कालभवर, इंटेक सदस्य गौरव अग्रवाल, रामकिशोर पांडेय, डॉ साधना चौहान, ने मूर्ति निर्माण सहयोग प्रदान किया। आभार शिक्षाविद हरिहरदत्त शुक्ला ने व्यक्त किया। यह जानकारी मीडिया प्रभारी रॉकी मक्कड़ ने दी।

Next Post

जिले का यह दुर्भाग्य है कि भाजपा की सरकार ने महापुरूषों की प्रतिमाएं स्थापित करने का काम नही किया: अजय सिंह राहुल

Wed Aug 19 , 2026
रीवा, शहर के पद्मधर पार्क में बुधवार की शाम अमर शहीद लाल पद्मधर सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया गया और उनके बलिदान को याद किया गया. पूर्व नेता प्रतिपक्ष चुरहट विधायक अजय सिंह राहुल के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर अजय मिश्रा बाबा की अध्यक्षता में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ. समारोह […]

You May Like