
आलीराजपुर। सोंडवा थाना क्षेत्र के ग्राम ककड़वाल में 14 वर्षीय नाबालिग बालिका के कथित अपहरण के मामले को लेकर बुधवार को ग्रामीणों में आक्रोश दिखाई दिया। ग्राम ककड़वाल सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल के नेतृत्व में जिला पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपने पहुंचे। ज्ञापन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्योति उमठ को सौंपा गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नाबालिग के कथित अपहरण की शिकायत के बावजूद सोंडवा पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई नहीं की। ज्ञापन में बालिका को सकुशल बरामद करने के साथ ही कथित रूप से उसे ले जाने वाले लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की गई।
पिता ने आवेदन में बताई घटना
नाबालिग के पिता झिमरिया उर्फ कैलाश निवासी ग्राम ककड़वाल ने पुलिस अधीक्षक के नाम दिए आवेदन एवं शपथ-पत्र में आरोप लगाया कि 15 अगस्त की शाम करीब 4 बजे वह अपनी 14 वर्षीय बेटी के साथ उमराली हाट बाजार से बस से लौटकर पैदल घर जा रहे थे। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर आए तीन लोगों ने उन्हें कथित रूप से रोका और उनकी बेटी को अपने साथ ले गए।
आवेदन के अनुसार, आरोपियों ने मारपीट व धक्का-मुक्की करते हुए बालिका को पिता से अलग कर दिया। पिता ने आरोप लगाया कि बालिका ने बचाने के लिए आवाज लगाई, लेकिन आसपास कोई मौजूद नहीं था। जाते समय आरोपियों द्वारा धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
पूर्व में भी बेटी को ले जाने का आरोप
पिता ने शिकायत में आरोप लगाया कि इससे पहले भी इन्हीं में से एक व्यक्ति उनकी बेटी को अपने साथ ले गया था। उस समय दोनों पक्षों के बीच आदिवासी रीति-रिवाज के अनुसार समझौता होने के बाद शिकायत वापस ले ली गई थी। वर्तमान घटना के बाद भय और सदमे के चलते तत्काल थाने नहीं पहुंच पाने तथा बाद में ग्रामीणों के सहयोग से शिकायत देने की बात भी आवेदन में कही गई है।
थाना प्रभारी पर ₹50 हजार लेने का आरोप
शिकायती आवेदन में सोंडवा थाना प्रभारी आशा वामनिया पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पिता ने आरोप लगाया कि उनसे ₹50 हजार की मांग की गई और कथित रूप से राशि देने के बावजूद नाबालिग के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
कार्रवाई नहीं हुई तो थाने का घेराव
ज्ञापन सौंपने के दौरान आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने नाबालिग की तत्काल सकुशल बरामदगी, आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि फरियादी को घंटों थाने में बैठाए रखने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
पटेल ने कहा कि आदिवासी समाज के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ सोंडवा पुलिस थाने का घेराव किया जाएगा।
ज्ञापन के दौरान जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश राठौर, आदिवासी विकास परिषद जिलाध्यक्ष अंगरसिंह चौहान, राजेंद्र टवली, सानी मकरानी, भाया भाई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
