
देवास। पर्यावरण संरक्षण एवं धार्मिक आस्था के सम्मान के उद्देश्य से पिछले 10 वर्षों से संचालित ‘मेरे गणेश, मिट्टी के गणेश’ अभियान के अंतर्गत आयोजित गणेश प्रतिमा निर्माण कार्यशाला का आज कलेक्टर ऋतु राज सिंह ने निरीक्षण किया। कलेक्टर ने कार्यशाला में पहुंचकर मिट्टी की उपलब्धता से लेकर गणेश प्रतिमा निर्माण, बच्चों को प्रशिक्षण देने तथा तैयार प्रतिमाओं के वितरण तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने कार्यशाला में प्रतिमा निर्माण कर रहे बच्चों से संवाद किया और उनके द्वारा बनाई जा रही मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं को देखकर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर कलेक्टर ऋतु राज सिंह ने स्वयं भी मिट्टी से भगवान गणेश की प्रतिमा बनाई और बच्चों के साथ प्रतिमा निर्माण की प्रक्रिया में सहभागिता की। उन्होंने बच्चों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों का पर्यावरण से जुड़ने का यह प्रयास सराहनीय है। बच्चे मिट्टी से गणेश प्रतिमा का निर्माण करना सीख रहे हैं, जिससे उनमें कला के प्रति रुचि, रचनात्मकता और धार्मिक आस्था के प्रति सम्मान जागृत हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) एवं रासायनिक पदार्थों से बनी गणेश प्रतिमाओं के प्रयोग से बचना चाहिए तथा मिट्टी की प्रतिमा बनाकर उसे स्थापित करने की परंपरा को प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने सभी से अपील की कि बच्चों को प्रोत्साहित करें और पर्यावरण संरक्षण के इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। कार्यशाला के संयोजक आदित्य दुबे एवं ऋचा दुबे द्वारा कलेक्टर का स्वागत रुद्राक्ष की माला एवं गंगाजल भेंट कर किया गया। कलेक्टर ने कार्यशाला की पूरी गतिविधियों का अवलोकन करते हुए कहा कि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाला यह प्रयास अत्यंत प्रेरणादायी है। बच्चों द्वारा स्वयं मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं बनाना और उन्हें लोगों तक पहुंचाना पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। कार्यशाला में उपस्थित बच्चों ने भी कलेक्टर के साथ अपने अनुभव साझा किए। कलेक्टर महोदय द्वारा स्वयं गणेश प्रतिमा बनाकर बच्चों का उत्साह बढ़ाने से विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। ‘मेरे गणेश, मिट्टी के गणेश’ अभियान का उद्देश्य बच्चों और समाज को यह संदेश देना है कि धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा भी हमारी जिम्मेदारी है। इस अवसर पर आद्या दुबे, आर्यमन दुबे, कमलेश शर्मा, पलक शर्मा, मानसी चौहान, मयंक, हर्षिका, सूरज एवं श्वेता सहित अन्य विद्यार्थी एवं कार्यशाला से जुड़े सदस्य उपस्थित रहे।
