
मुंबई, 19 अगस्त (वार्ता) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को कहा कि सिर्फ ज्यादा उत्पादन करने से नहीं बल्कि पर्यावरण अनुकूल उत्पादन करने से राज्य और देश के कपड़ा उद्योग को वैश्विक मंच पर पहचान मिल पायेगी। श्री शिंदे ने यहां जियो वर्ल्ड सेंटर में उद्योग मंडल एसोचैम द्वारा आयोजित ‘फार्म टू फॉरेन सम्मेलन 2026’ को संबोधित करते हुए कहा कि महाराष्ट्र का कपड़ा उद्योग के साथ लंबे समय से गौरवशाली संबंध रहा है। मुंबई का देश की वित्तीय राजधानी के रूप में उभरना ऐतिहासिक कपड़ा मिलों से भी गहराई से जुड़ा रहा है। इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार अब आधुनिक बुनियादी ढांचे और निवेश के अवसर तैयार कर रही है, ताकि कपड़ा क्षेत्र को नयी दिशा दी जा सके।
उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र के खेतों से लेकर दुनिया के बाजारों तक, हमारी कपड़ा यात्रा के हर चरण में मूल्य का सृजन होना चाहिये। हमारा विजन केवल अधिक उत्पादन करना नहीं, बल्कि पर्यावरण अनुकूल और प्रतिस्पर्धी तरीके से उत्पादन करना है, ताकि हर धागे में हमारे किसानों की ताकत, हमारे उद्योग का नवाचार और नये भारत की पहचान दिखाई दे।” उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नागपुर में पीएम मित्र पार्क और अमरावती टेक्सटाइल क्लस्टर जैसी परियोजनाएं कपड़ा उद्योग को नयी गति देंगी, रोजगार के अवसर पैदा करेंगी और महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगी।
राज्य की रणनीतिक स्थिति और तैयारियों पर प्रकाश डालते हुए एसोचैम महाराष्ट्र राज्य परिषद के चेयरमैन मिलिंद हार्डीकर ने कहा, “इस यात्रा में महाराष्ट्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। मजबूत औद्योगिक आधार, उद्यमशीलता का मजबूत पारितंत्र, विनिर्माण क्षमताएं, विश्वस्तरीय लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचा और जीवंत कपड़ा क्षेत्र महाराष्ट्र को सतत विनिर्माण, नवाचार, निवेश और निर्यात-केंद्रित विकास के रास्ते पर आगे बढ़ायेगा।” उन्होंने कहा कि सरकार का 5एफ विजन – फार्म टू फाइबर टू फैक्ट्री टू फैशन टू फॉरेन – सिर्फ एक क्षेत्रीय रोडमैप नहीं है, बल्कि एक एकीकृत और भविष्य के लिए तैयार टेक्सटाइल मूल्य श्रृंखला तैयार करने की रूपरेखा है। आने वाले समय में वैश्विक प्रतिस्पर्धा केवल उत्पादन क्षमता, उत्पादकता और उत्पादों की विविधता से निर्धारित नहीं होगी, बल्कि इस बात से भी तय होगी कि हम कच्चे माल की जिम्मेदारी से खरीद कैसे करते हैं, अपने पर्यावरणीय प्रभाव का प्रबंधन कैसे करते हैं, सामाजिक जवाबदेही कैसे सुनिश्चित करते हैं और पूरी आपूर्ति श्रृंखला में आद्यांत पारदर्शिता कैसे बनाये रखते हैं।
