इंदौर: जिले में संक्रामक बीमारियों की निगरानी के दौरान स्वास्थ्य विभाग को वर्ष 2025-26 में 31 अलर्ट मिले. इनमें जांच के बाद 18 मामलों में बीमारी के प्रकोप की पुष्टि हुई. इन मामलों में समय रहते कार्रवाई किए जाने के लिए इंदौर की इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) टीम को राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया है.स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल में हुए राज्य स्तरीय समारोह में मिशन संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने इंदौर की टीम की ओर से एपिडिमियोलॉजिस्ट डॉ. अंशुल मिश्रा और जिला डाटा मैनेजर शारदा राय त्रिपाठी को सम्मान दिया. टीम को यह सम्मान वर्षभर बीमारी के मामलों की निगरानी, संदिग्ध प्रकोप की पहचान और संबंधित क्षेत्रों में समय पर कार्रवाई के लिए दिया. आईडीएसपी के पास जिले से अलग-अलग माध्यमों से बीमारी से जुड़े अलर्ट पहुंचते हैं. इनकी जानकारी का मिलान और विश्लेषण करने के बाद संदिग्ध मामलों की जांच कराई जाती है.
जहां बीमारी के प्रकोप की पुष्टि हुई, वहां स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने स्थिति के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की और मरीजों के फॉलोअप के साथ संक्रमण को आगे फैलने से रोकने के उपाय किए. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने सम्मान मिलने पर जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. निर्मला अखंड, डॉ. अंशुल मिश्रा और शारदा राय त्रिपाठी को बधाई दी. उन्होंने कहा कि बीमारी की शुरुआती जानकारी मिलने के बाद समय पर जांच और कार्रवाई होने से संक्रमण के बड़े स्तर पर फैलने की आशंका को कम करने में मदद मिलती है.
