ग्वालियर:नगर निगम मुख्यालय, सिटी सेंटर स्थित टेंडर शाखा से प्रभारी सहायक यंत्री का डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट डोंगल चोरी होने का मामला सामने आया है। जांच में सामने आया कि डोंगल किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि भाजपा पार्षद बृजेश श्रीवास ने उठाकर अपनी जेब में रख लिया और वहां से चले गए। पूरी घटना कार्यालय में लगे कैमरे में कैद हुई है।
घटना विद्युत विभाग की टेंडर शाखा में हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए निगमायुक्त संघप्रिय ने विश्वविद्यालय थाना पुलिस को पत्र लिखकर पार्षद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा है। जबकि पार्षद बृजेश श्रीवास का कहना है कि गलती से डोंगल उनकी जेब में आ गया था।
शिकायत के मुताबिक नगर निगम मुख्यालय की टेंडर शाखा में विद्युत विभाग के टेंडर अपलोड करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसके लिए प्रभारी सहायक यंत्री (विद्युत) रामबाबू दिनकर का डिजिटल सिग्नेचर डोंगल टेबल पर रखा था। इसी दौरान वार्ड 21 के पार्षद बृजेश श्रीवास टेंडर शाखा में आकर बैठ गए।
उनके जाने के बाद जब टेंडर अपलोड करने के लिए डोंगल की जरूरत पड़ी तो वह टेबल पर नहीं मिला। कर्मचारियों ने पूरे कार्यालय में उसकी तलाश की, लेकिन शाम तक कोई सुराग नहीं मिला।
डोंगल नहीं मिलने पर कार्यालय में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई। फुटेज में पार्षद बृजेश श्रीवास टेबल पर रखा डिजिटल सिग्नेचर डोंगल उठाकर अपनी जेब में रखते और वहां से जाते दिखाई दिए। मामले में टेंडर शाखा के लिपिक बनवारी बाथम, कंप्यूटर ऑपरेटर दुष्यंत शर्मा और लवलेश श्रीवास्तव ने लिखित बयान दिए हैं। उन्होंने भी पार्षद द्वारा डोंगल जेब में रखकर ले जाने की पुष्टि की है।
डिजिटल सिग्नेचर डोंगल गायब होने से टेंडर प्रक्रिया प्रभावित होने और उसके दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए निगमायुक्त ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने विश्वविद्यालय थाना प्रभारी को पत्र भेजकर फुटेज और कर्मचारियों के बयानों के आधार पर पार्षद के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा है।
