क्षतिग्रस्त शहपुरा रेलवे ओवर ब्रिज का होगा स्थायी पुनर्निर्माण

जबलपुर: क्षतिग्रस्त शहपुरा रेलवे ओवर ब्रिज के एप्रोच का स्थायी पुनर्निर्माण पूरी तकनीकी गंभीरता और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जाए। पुनर्निर्माण में संरचनात्मक सुरक्षा, निर्माण की गुणवत्ता और दीर्घकालीन स्थायित्व सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्य के प्रत्येक चरण में निर्धारित मापदंडों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और पुनर्निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। निर्माण कार्यों में लापरवाही, गुणवत्ता से समझौता व कार्य को अधूरा छोडऩा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिम्मेदारी से पीछे हटने वाली एजेंसी और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह बातें लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बुधवार को भोपाल स्थित निवास कार्यालय में जबलपुर के शहपुरा रेलवे ओवर ब्रिज के संबंध में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक लेते हुए कहीं ।

मंत्री श्री सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण होने तक नागरिकों एवं यातायात के सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित आवागमन के लिए निर्धारित किए गए तीनों वैकल्पिक मार्ग पूरी तरह आवागमन योग्य बने रहें। इन मार्गों सतत रख-रखाव एवं आवश्यक मरम्मत, संकेतक, बैरिकेडिंग और अन्य आवश्यक यातायात सुरक्षा उपायों के प्रबंधों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। बैठक में रेलवे ओवर ब्रिज के क्षतिग्रस्त एप्रोच के पुनर्निर्माण की प्रगति, अब तक किए गए सुरक्षा उपायों, वैकल्पिक यातायात व्यवस्था, तकनीकी परीक्षणों और प्रस्तावित स्थायी समाधान की विस्तार से समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मंत्री सिंह को वर्तमान स्थिति और विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई से अवगत कराया। मंत्री श्री सिंह ने निर्देश दिए कि तकनीकी परीक्षणों और विशेषज्ञ सुझावों के आधार पर स्थायी समाधान को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाए। पुनर्निर्माण की प्रक्रिया में सुरक्षा और गुणवत्ता संबंधी प्रत्येक पहलू का विशेष ध्यान रखा जाए तथा कार्य की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।मंत्री सिंह ने दोनों विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि कार्यों के विभाजन के कारण किसी भी स्तर पर विलंब नहीं होना चाहिए। निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाए।

मंत्री सिंह ने कहा कि वैकल्पिक मार्गों पर आवागमन के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। भारी वाहनों के दबाव को ध्यान में रखते हुए मार्गों की नियमित निगरानी की जाए और जहां भी आवश्यकता हो, तत्काल सुधार कार्य कराया जाए। शहपुरा-कृषि उपज मंडी-रेलवे लेवल क्रॉसिंग मार्ग में सुधार कार्य 20 अगस्त तक पूर्ण होंगे। इस दौरान दूसरा वैकल्पिक मार्ग शहपुरा-कृषि उपज मंडी-रेलवे लेवल क्रॉसिंग मार्ग है। इसकी कुल लंबाई लगभग 4.80 किलोमीटर है। इसमें से मध्यप्रदेश सडक़ विकास निगम द्वारा मंडी प्रांगण के अंदर से, 300 मीटर अस्थाई मार्ग पर डामरीकरण कर लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माण किये जा रहे आर ओ बी के एप्रोच से जोड़ दिया गया है, जिसका उपयोग स्थानीय यातायात द्वारा किया जा सकेगा। मंत्री सिंह ने इस मार्ग के कच्चे हिस्सों पर आवश्यकता के अनुसार पीसीसी एवं पेवर ब्लॉक लगाने, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत करने और मार्ग को आवागमन के लिए व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए।उन्होंने सभी जरूरी स्थानों पर संकेतक, बैरिकेडिंग और अन्य यातायात सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मार्ग के सभी आवश्यक सुधार कार्य 20 अगस्त 2026 तक पूर्ण करने की समय-सीमा निर्धारित की गई है। मध्यप्रदेश सडक़ विकास निगम एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा इसे सुनिश्चित कराया जाएगा। जबलपुर-पाटन-शहपुरा मार्ग मेें 15 सितम्बर तक पूर्ण भी सुधार कार्य होगे।
इन मार्गों को बनाया जाएगा
तीसरा वैकल्पिक मार्ग सहजपुर-किसरोद-टिपराह-नोनी-घुनसौर मार्ग है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 6.50 किलोमीटर है। इसमें 3.18 किलोमीटर हिस्सा प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के अंतर्गत आता है। मंत्री श्री सिंह ने इस पूरे मार्ग को यातायात के अनुकूल बनाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के अंतर्गत आने वाले 3.18 किलोमीटर हिस्से सहित मार्ग के सभी आवश्यक सुधार कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए जाएंगे। सुधार कार्य 20 अगस्त 2026 तक पूर्ण करने की समय-सीमा
निर्धारित की है।
निर्माण करने वाली एजेंसी डिबार, प्रबंध निदेशक के खिलाफ एफआईआर
आरओबी का निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी द्वारा दायित्वों का पालन न करने के विरुद्ध विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई की गई है। निर्माण एजेंसी मेसर्स वागड़ इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्रा.लि.-मेसर्स सोराठिया वेलजी रत्ना कंपनी लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम को 10 जून 2026 को डिबार किया जा चुका है। इसके साथ ही मेसर्स वागड़ इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्रा.लि. के प्रबंध निदेशक विनोद जैन के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

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