
इंदौर: दूसरे राज्यों से इंदौर पहुंच रहे घी की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने निगरानी और सख्त कर दी है. इसी अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने स्कीम नंबर 51 स्थित मां बगलामुखी एंटरप्राइजेज पर कार्रवाई करते हुए करीब 1,750 लीटर घी जब्त किया है. जब्त घी की अनुमानित कीमत करीब 6.80 लाख रुपये बताई गई है. अधिकारियों ने अलग-अलग पैकिंग, साइज और बैच से 18 नमूने जांच के लिए लिए हैं.
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी मनीष स्वामी के अनुसार प्रतिष्ठान के निरीक्षण के दौरान मंथन और श्री आनंद ब्रांड का घी विभिन्न पैकिंग में बिक्री के लिए संग्रहित मिला. प्रतिष्ठान से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों ब्रांड का घी गुजरात में निर्मित होकर इंदौर पहुंचा था. गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने तक मौके पर उपलब्ध घी को जब्त कर लिया गया है.
रिपोर्ट आने तक घी रहेगा जब्त
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने लिए गए सभी 18 नमूनों को निर्धारित खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों की जांच के लिए खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. जांच रिपोर्ट आने तक जब्त किए गए घी का उपयोग अथवा विक्रय नहीं किया जा सकेगा. विभाग अब प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है. रिपोर्ट में यदि घी अमानक, मिलावटी या असुरक्षित पाया जाता है तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
दूसरे राज्यों से आने वाले घी पर नजर
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने साफ किया है कि दूसरे राज्यों से मध्यप्रदेश में आने वाले घी और अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी जा रही है। इसके लिए निर्माता, डिपो, थोक विक्रेता और बिक्री केंद्रों का निरीक्षण कर नमूने लिए जा रहे हैं। विभाग का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा. गुजरात से इंदौर पहुंच रहे कम कीमत वाले घी को लेकर नकली होने की आशंका जताई जा रही है। दरअसल, असली देसी घी की कीमत और संदिग्ध घी की कीमत में जमीन-आसमान का अंतर होने के कारण खाद्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। इसी के चलते खाद्य विभाग की टीम घी के नमूने लेकर जांच कर रही है.
लगातार जारी रहेगी कार्रवाई
खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और अमानक या मिलावटी खाद्य पदार्थों के निर्माण, परिवहन, भंडारण और विक्रय के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.
