भुवनेश्वर, 18 अगस्त (वार्ता) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को राज्य में बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए 1,000 करोड़ रुपये के सहायता पैकेज का ऐलान किया।
यह विशेष पैकेज मुख्यमंत्री द्वारा बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करने और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण हुई लगातार बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने के बाद घोषित किया गया। इस पैकेज का उद्देश्य प्रभावित परिवारों के जीवन को सामान्य बनाना, पुनर्वास में मदद करना और नुकसान के लिए मुआवजा देना है।
श्री माझी ने कहा कि किसानों का कल्याण और उनकी आजीविका की सुरक्षा, साथ ही बाढ़ के बाद हालात को सामान्य करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसानों को तुरंत मदद मिलेगी, जिसमें बारिश पर निर्भर इलाकों के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचाई वाले इलाकों के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और बारहमासी फसलों के लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की कृषि इनपुट सब्सिडी शामिल है, जहां फसल का नुकसान 33 प्रतिशत या उससे अधिक हुआ है। धान और गैर-धान बीजों के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के जरिए मदद दी जायेगी, साथ ही प्रभावित किसानों को मुफ्त सब्जी मिनी-किट भी बांटे जायेंगे। कीट और रोग प्रबंधन के लिए 75 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षतिग्रस्त सिंचाई परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जायेगा। पशुपालकों, मछुआरों और अन्य लोगों को भी नुकसान के लिए मदद दी जायेगी जिनकी नावें, मछली पकड़ने के जाल और तालाब बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गये थे। उन्होंने घोषणा की कि इच्छुक किसानों के अल्पकालिक खरीफ ऋणों को मध्यम अवधि के ऋणों में बदल दिया जायेगा ताकि उनका वित्तीय बोझ कम हो सके। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान मदद पहुंचाना, बाढ़ के बाद हालात सामान्य करना और किसानों की आजीविका की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकताएं हैं।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने सोमवार को भद्रक और जाजपुर जैसे सबसे बुरी तरह प्रभावित जिलों में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया था ताकि जमीनी स्थिति का जायजा ले सकें। राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी, उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यबंशी सूरज और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल के साथ उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत की और सरकारी राहत, सूखे भोजन और पीने के पानी की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली।
लगातार बारिश की वजह से आई हालिया बाढ़ से 7.85 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि लगभग 2.77 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) कार्यालय के मुताबिक बाढ़ से 66 प्रखंडों की 448 ग्राम पंचायतें प्रभावित हुई हैं और 42,200 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर लगी फसलें बर्बाद हो गई हैं और लगभग 1,000 घर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
