
रतलाम। जिले में बिखरी ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में अब संगठित प्रयास शुरू होने जा रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक धरोहर न्यास (इंटेक) की स्थानीय शाखा के गठन की पहल की गई है। इसके तहत जिले की महत्वपूर्ण धरोहरों की पहचान, उनकी वर्तमान स्थिति का अध्ययन और संरक्षण के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे।
इसी सिलसिले में गत दिवस सामाजिक कार्यकर्ताओं और धरोहर संरक्षण में रुचि रखने वाले नागरिकों की बैठक हुई। इंटेक के पुराने सदस्य अनिल झालानी, जावरा नवाब परिवार के सदस्य हशमत अली खान तथा मंदिरों के जीर्णोद्धार कार्यों से जुड़े इंटेक सदस्य विजय सोनी ने स्थानीय चैप्टर के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की पहल की।
बैठक में रतलाम की ऐतिहासिक इमारतों, राजमहल और किलों, मंदिरों, बावडिय़ों, कलात्मक भवनों, भित्ति चित्रों, पांडुलिपियों, ऐतिहासिक अभिलेखों और अन्य सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर चर्चा हुई। सामाजिक कार्यकर्ता राजेश घोटीकर, डॉ. श्वेता विंचुरकर, नवोदित वैरागी, नरेंद्र श्रेष्ठ, डॉ. ईश्वर बोराणा, अर्जुन पालीवाल, मुकेश शुक्ला, शुभम सिखवाल, महेंद्र भरकुंदीया, जुबेर आलम कुरैशी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
बैठक में रतलाम राजमहल की वर्तमान स्थिति को लेकर विशेष चर्चा हुई। अनिल झालानी ने बताया कि जिले की प्रमुख धरोहरों का क्रमबद्ध भ्रमण कर उनकी स्थिति का अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद संरक्षण की जरूरत वाली धरोहरों को चिन्हित कर उनके लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे।
प्रशासन और पुरातत्व विभाग का सहयोग लेने की तैयारी: प्रस्तावित स्थानीय चैप्टर के माध्यम से जिला प्रशासन, पुरातत्व विभाग और सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों के सहयोग से संरक्षण कार्य आगे बढ़ाने की योजना है। साथ ही जिले की धरोहरों को पर्यटन के मानचित्र पर पहचान दिलाने के प्रयास भी किए जाएंगे। स्थानीय चैप्टर के गठन के बाद पहले चरण में जिले की महत्वपूर्ण धरोहरों की सूची तैयार कर उनका प्राथमिक सर्वेक्षण और दस्तावेजीकरण किया जाएगा। इसके लिए जनभागीदारी भी ली जाएगी। आगामी कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के लिए जल्द ही फिर बैठक आयोजित की जाएगी।
युवा -विद्यार्थी अभियान से जुड़ेंगे
बैठक में कॉलेज विद्यार्थियों और युवाओं को अभियान से जोडऩे का सुझाव दिया गया। इतिहास, कला, संस्कृति और धरोहर संरक्षण में रुचि रखने वाले युवाओं तथा सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों को इंटेक से जोडक़र सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।
