इंदौर: बिजली सेवाओं में लापरवाही अब अधिकारियों और कर्मचारियों पर भारी पड़ सकती है. सोमवार को मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने इंदौर सहित धार, झाबुआ और आलीराजपुर के अधिकारियों की बैठक लेकर लंबित कार्यों और बिजली सेवाओं की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए सख्त चेतावनी दी.
बैठक में नए बिजली कनेक्शन, त्रुटिरहित बिल जारी करने, स्मार्ट मीटर, विजिलेंस, वी-कनेक्ट और ऊर्जस एप से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई. प्रबंध निदेशक ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता सेवाओं में अनावश्यक देरी या काम लंबित रखने की स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी. बिजली आपूर्ति में मौसमी व्यवधान को लेकर भी अधिकारियों को फटकार के अंदाज में निर्देश दिए गए. उन्होंने कहा कि कहीं फॉल्ट या अवरोध होने पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती कर कम से कम समय में बिजली बहाल की जाए. वहीं बकाया बिलों को लेकर अगस्त में ही अभियान चलाकर राशि वसूलने के निर्देश दिए गए हैं.
विभागीय स्तर पर दबाव बढ़ा
आरडीएसएस और एसएसटीडी जैसी योजनाओं के काम समय पर पूरे नहीं होने पर भी विभागीय स्तर पर दबाव बढ़ा है. अधिकारियों को इन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए, ताकि आगामी रबी सीजन में ग्रामीण क्षेत्रों को इसका लाभ मिल सके. बैठक में मुख्य अभियंता आरसी जैन सहित इंदौर, धार, झाबुआ और आलीराजपुर के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. बैठक का संदेश साफ रहा- बिजली सेवाओं में ढिलाई नहीं चलेगी, काम में देरी हुई तो जवाबदेही तय होगी.
