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पिपलियामंडी। एक व्यक्ति के नाम उसकी जानकारी के बिना 32 मोबाइल सिम जारी होने और इनमें से 17 सिम के अब भी चालू होने का मामला सामने आया है। पिपलियामंडी के टीलाखेड़ा निवासी कुलदीप पिता कैलाश मेघवाल ने पुलिस को शिकायत देकर पूरे मामले की जांच की मांग की है। कुलदीप का कहना है कि वह स्वयं केवल दो सिम का उपयोग करता है और उसने किसी अन्य व्यक्ति को अपने दस्तावेजों पर सिम लेने की अनुमति नहीं दी।
मामला उस समय सामने आया, जब 14 अगस्त को राजस्थान पुलिस के कुछ अधिकारी कुलदीप को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गए। शिकायत के अनुसार पुलिस ने बताया कि मादक पदार्थ तस्करी के मामले में पकड़े गए नारायणगढ़ थाना क्षेत्र के दीपक शर्मा के पास मिली सिम कुलदीप के नाम पर दर्ज थी। इसके बाद कुलदीप ने अपने नाम से जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी निकलवाई तो 32 सिम सामने आने का दावा किया गया।
सिम विक्रेता पर जताया संदेह, आरोपों से इनकार
कुलदीप ने पिपलियामंडी के सिम विक्रेता संदीप धनोतिया की भूमिका पर संदेह जताते हुए जांच की मांग की है। उसका कहना है कि वह पूर्व में सिम और मोबाइल संबंधी कार्य के लिए संदीप की दुकान पर जाता था तथा वहां फोटो एवं पहचान संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराए थे। वहीं संदीप धनोतिया ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने कोई गलत सिम जारी नहीं की। उनके अनुसार राजस्थान पुलिस ने उनसे केवल पूछताछ की थी और संबंधित व्यक्ति के बारे में जानकारी देने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
मामले में दिसंबर 2025 में प्रतापगढ़ जिले की रठाजना पुलिस द्वारा भी संदीप से पूछताछ किए जाने का उल्लेख सामने आया है। इसके अलावा दोनों युवकों को राजस्थान पुलिस द्वारा ले जाने और बाद में नारायणगढ़ क्षेत्र में छोड़े जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
दो लाख रुपए के आरोप से मामला और गरमाया
घटनाक्रम में कथित दो लाख रुपए के लेन-देन का आरोप भी सामने आया है। संदीप की ओर से कांग्रेस नेता मुकेश निडर पर आरोप लगाए गए, जिसे निडर ने सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल राजस्थान पुलिस से मानवीय आधार पर बातचीत की थी और किसी प्रकार के लेन-देन की जानकारी नहीं है। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
पिपलियामंडी थाना प्रभारी विक्रमसिंह इवने ने बताया कि युवक के नाम पर 32 सिम जारी होने के मामले में जांच जारी है। राजस्थान पुलिस द्वारा दोनों युवकों को ले जाने के संबंध में भी राजस्थान पुलिस से संपर्क किया जाएगा। वहीं निम्बी जोधा थाने से कार्रवाई के लिए आए पुलिस अधिकारी हरिराम से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कुल 32 सिम किन दस्तावेजों के आधार पर जारी हुईं, इन्हें किसने उपयोग किया और 17 सक्रिय सिम वर्तमान में किन लोगों के पास हैं। पुलिस एवं संबंधित मोबाइल कंपनियों के रिकॉर्ड से ही मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
