
रीवा, रीवा जिले में साइबर अपराधियों का एक बेहद हैरान करने वाला कारनामा सामने आया है, जहां एक शिक्षक डिजिटल ठगी के शिकार हो गए. गढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पनगढ़ी के निवासी शिक्षक कमलेश्वर तिवारी के बैंक खाते से जालसाजों ने फोन पे के माध्यम से अलग-अलग किश्तों में कुल 4 लाख 50 हजार रुपये उड़ा दिए.
हैरान करने वाली बात यह है कि पीडि़त शिक्षक अपने मोबाइल में फोन पे एप्लीकेशन का इस्तेमाल तक नहीं करते थे, इसके बावजूद इतनी बड़ी रकम पार कर दी गई. बता दे की यह राशि उन्होंने अपनी बेटी की शादी के लिए बैंक से लोन लेकर जमा की थी. पीडि़त शिक्षक कमलेश्वर तिवारी ने बताया कि घटना से कुछ दिन पहले से उनके मोबाइल फोन में तकनीकी खराबी आ रही थी. मोबाइल लगातार गर्म हो रहा था और उसकी बैटरी बहुत जल्दी डिस्चार्ज हो जाती थी. इस समस्या के कारण वह अक्सर अपने मोबाइल को घर पर ही छोडक़र चले जाते थे. आशंका जताई जा रही है कि ठगों ने किसी मालवेयर या रिमोट एक्सेस ऐप के जरिए उनके फोन को हैक कर लिया था, जिससे फोन बैकग्राउंड में लगातार एक्टिव रहने के कारण गर्म और डिस्चार्ज हो रहा था. फिलहाल इस बड़ी धोखाधड़ी का पता शिक्षक को तब चला जब वह अपने दैनिक खर्चों के लिए पैसे निकालने नजदीकी कियोस्क सेंटर पहुंचे. वहां जब उन्होंने अपने खाते का बैलेंस चेक किया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. बैंक खाता पूरी तरह खाली हो चुका था. लोन के साढ़े चार लाख रुपये गायब होने से पीडि़त के सामने अचानक गहरा संकट खड़ा हो गया है. खाता खाली होने के तुरंत बाद पीडि़त शिक्षक ने मामले की लिखित शिकायत गढ़ थाना, रीवा साइबर सेल और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दर्ज कराई. पुलिस और साइबर सेल की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस पूरी वारदात को झारखंड में बैठे अंतरराज्यीय साइबर ठगों ने अंजाम दिया है. साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगों के खातों में ट्रांसफर की गई रकम में से करीब 1 लाख रुपये को होल्ड करवा दिया है. फिलहाल इस घटना ने पीडि़त शिक्षक के परिवार को तोड़ कर रख दिया है.
