भोपाल:राजधानी में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले ने पुलिस के साथ-साथ शहरवासियों को भी झकझोर दिया है। तलैया पुलिस जांच में सामने आए शुरुआती तथ्यों के मुताबिक, किशोर को कथित तौर पर दो करोड़ रुपये कमाने के लालच में निशाना बनाया गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने नाबालिगों को यह लालच दिया था कि किशोर के शरीर का एक हिस्सा विदेश भेजकर मोटी रकम हासिल की जा सकती है। इसी कथित साजिश के तहत किशोर को बहाने से अपने साथ ले जाने और बाद में उसकी हत्या करने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस अभी पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ रही है और पूछताछ में सामने आए तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
6 अगस्त को लापता हुआ था किशोर
पुलिस के अनुसार किशोर शाहजहांनाबाद क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रहता था और परिवार का इकलौता बेटा था। वह मोती मस्जिद, इकबाल मैदान और आसपास के क्षेत्रों में घूम-घूमकर पेन-कॉपी बेचता था। उसकी कमाई से परिवार का गुजर-बसर होता था। 6 अगस्त को वह इकबाल मैदान क्षेत्र से अचानक लापता हो गया। काफी तलाश के बाद जब उसका पता नहीं चला तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की गई।
पांच दिन बाद छोटे तालाब में मिला शव
लापता होने के करीब पांच दिन बाद 11 अगस्त को किशोर का शव छोटे तालाब से बरामद हुआ। शव की स्थिति के कारण तत्काल उसकी पहचान नहीं हो सकी। बाद में कपड़ों और चप्पलों के आधार पर परिजनों ने उसकी पहचान की। पहचान के बाद पुलिस ने मामले की जांच हत्या के एंगल से आगे बढ़ाई।
पूछताछ में सामने आई दो करोड़ की कथित डील
जांच के दौरान पुलिस को कुछ नाबालिगों के बारे में जानकारी मिली। एक संदिग्ध नाबालिग से पूछताछ के बाद पुलिस को कथित तौर पर हत्या और शरीर के एक हिस्से को अलग किए जाने से जुड़ी जानकारी मिली।
पूछताछ में यह बात सामने आने की सूचना है कि कुछ लोगों ने नाबालिगों को करीब दो करोड़ रुपये मिलने का लालच दिया था। उन्हें कथित तौर पर बताया गया कि किशोर के शरीर का एक हिस्सा विदेश भेजकर बड़ी रकम हासिल की जा सकती है और इसमें शामिल लोगों को भी हिस्सा मिलेगा।
13 संदिग्ध पुलिस की रडार पर
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने करीब 13 संदिग्धों से पूछताछ शुरू की है। इनमें नाबालिग भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किशोर को आखिरी बार किसके साथ देखा गया था, उसे कहां ले जाया गया और हत्या की कथित साजिश में कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस यह भी पता कर रही है कि कथित तौर पर विदेश भेजे जाने वाले शरीर के हिस्से को किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था या नहीं।
शरीर का गायब हिस्सा बना जांच की सबसे बड़ी कड़ी
जांच में सबसे अहम सवाल यह है कि किशोर के शरीर का कथित रूप से गायब हिस्सा आखिर कहां है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसे अलग करने और कहीं भेजने की योजना वास्तव में बनाई गई थी या पूछताछ के दौरान सामने आई कहानी का कोई दूसरा पहलू है।
पुलिस अधिकारियों द्वारा संदिग्धों से लगातार पूछताछ की जा रही है और उनके बयानों का अन्य साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है।
एक अन्य किशोर ने भी लगाया हत्या की कोशिश का आरोप
मामले की जांच के दौरान एक अन्य 17 वर्षीय किशोर ने भी संदिग्धों पर उसे पकड़ने, गला दबाने और हथियार दिखाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस इस बयान की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इसका मृतक किशोर की हत्या से कोई संबंध है या नहीं।
पुलिस खंगाल रही पूरी साजिश
पुलिस की जांच अब केवल हत्या तक सीमित नहीं है। कथित दो करोड़ रुपये की डील, नाबालिगों को लालच देने वाले लोग, किशोर को अपने साथ ले जाने वाले संदिग्ध, हत्या के बाद शव को छोटे तालाब तक पहुंचाने और शरीर के गायब हिस्से—इन सभी कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस ने मामले में पूछताछ तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विदेश भेजने और दो करोड़ रुपये की कथित साजिश में वास्तव में कौन-कौन लोग शामिल थे और इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं।
