महू: देश जब 15 अगस्त को आजादी का जश्न मना रहा था, तब इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाईवे पर स्थित ग्राम पंचायत चोरल में सरकारी तंत्र का एक शर्मनाक मामला सामने आया है. इस पावन पर्व पर भी ग्राम पंचायत में ताला लटका रहा. सचिव, जीआरएस और इंजीनियर सहित पूरा सरकारी अमला ध्वजारोहण के कार्यक्रम से पूरी तरह नदारद रहा. आखिरकार, सरपंच और ग्रामीणों ने खुद आगे आकर पंचायत परिसर की सफाई की और तिरंगा फहराया. चोरल पंचायत सरपंच अशोक सैनी ने सरकारी अमले की पोल खोलते हुए आरोप लगाया है कि पंचायत के सचिव कमल किशोर पंडित पिछले तीन महीनों से पंचायत में नहीं आ रहे हैं.
उनकी इस घोर लापरवाही की वजह से पूरी पंचायत का कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है. इस मामले में कई बार जनपद सीईओ को लिखित और मौखिक शिकायतें की जा चुकी हैं. इस अव्यवस्था से त्रस्त होकर ग्रामीण अब तक सीएम हेल्पलाइन 181 पर 10 से अधिक शिकायतें दर्ज करा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला. हद तो यह है कि यहां के जीआरएस को भी हटा दिया है, जो कि पूरी तरह से नियम विरुद्ध है. ग्रामीणों ने बताया कि यह पंचायत इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर स्थित है, जहां आए दिन भीषण सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं. पिछले तीन महीने से पंचायत में ताला बंद होने के कारण हादसों में जान गंवाने वाले मृतकों के पीड़ित परिवारों को समय पर मृत्यु प्रमाण पत्र तक नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उनके सारे सरकारी और कानूनी काम रुके हुए हैं.
