मिदनापुर, (वार्ता) पश्चिम बंगाल के जंगलमहल स्थित चंद्रा वन क्षेत्र में हाथियों के एक दल ने दलदल में फंसे ढाई वर्ष के एक हाथी के बच्चे की मौत हो गयी।
हाथियों के दल ने हालांकि उसे बचाने का काफी प्रयास किया, लेकिन सारे प्रयास विफल रहे।
घटना शनिवार आधी रात के बाद की है। कुछ दिन पहले अपने झुंड से बिछड़े चार अन्य हाथियों के साथ घूम रहा यह बच्चा, धान की तलाश में जंगल से बाहर निकल आया था, जहां वह धान के कीचड़ भरे खेत में फंस गया था।
वन अधिकारियों के अनुसार, बच्चे की मां समेत साथ मौजूद हाथियों ने उसे बाहर निकालने की घंटों कोशिश की, लेकिन यह कोशिश तब त्रासदी में बदल गयी, जब बच्चे को कीचड़ से वेबाहर नहीं निकाल पाये। काफी देर तक चले इस बचाव अभियान में मां हाथी को गलती से फंसे हुए बच्चे पर अपने पैर से दबाव डालते देखा गया, जिसके बाद बच्चे की मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद वन अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में ले लिया। मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
इस घटना ने एक बार फिर जंगलों के सीमावर्ती इलाकों में हाथियों और कृषि खेतों के बीच बढ़ते टकराव को उजागर किया है, खासकर तब जब भोजन की तलाश में हाथियों के झुंड अपने प्राकृतिक आवास से बाहर निकलते हैं।
