भोपाल। नवभारत के इंदौर संस्करण ने मध्यप्रदेश के पश्चिमी हिस्से को जोड़ा। 1960 में नवभारत का इंदौर संस्करण शुरू हुआ। इसके साथ जबलपुर और भोपाल के बाद मध्यप्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में भी नवभारत की मजबूत उपस्थिति बनी। इस तरह नवभारत का विस्तार केवल राजधानी केन्द्रित नहीं रहा, बल्कि पूर्वी, मध्य और पश्चिमी मध्यप्रदेश तक पहुंचने लगा।
1950-60 का दशक मध्यप्रदेश में नवभारत के विस्तार का निर्णायक दशक था। इस अवधि में विस्तार का क्रम इस तरह रहा :
1950 जबलपुर, 1952 भोपाल में पूर्ति अंक, 1956 में भोपाल से पूर्ण संस्करण, 1960 में इंदौर संस्करण। रायपुर और जबलपुर-भोपाल-इंदौर ने मध्य भारत का नेटवर्क तैयार किया। 1959 में रायपुर संस्करण शुरू हुआ। उस समय मध्यप्रदेश का भौगोलिक स्वरूप आज से बहुत बड़ा था। इसलिए आज के मध्यप्रदेश के साथ-साथ तत्कालीन मध्यप्रदेश के छत्तीसगढ़ क्षेत्र में भी नवभारत की पहुंच विकसित हुई।
1957 में अंग्रेजी दैनिक मध्यप्रदेश क्रॉनिकल का प्रकाशन शुरू हुआ। यह नवभारत समूह के विस्तार की एक अलग और उल्लेखनीय उपलब्धि है, क्योंकि भोपाल से अंग्रेजी दैनिक शुरू किया गया। बाद में 1984 में इसका प्रकाशन रायपुर से भी होने लगा। समूह ने केवल हिन्दी पाठक वर्ग तक सीमित रहने के बजाय अंग्रेजी पत्रकारिता में भी विस्तार किया।
1984 में बिलासपुर संस्करण से मध्य भारत में नेटवर्क और मजबूत हुआ। उधर, बिलासपुर संस्करण शुरू होने के साथ नवभारत के संस्करणों की संख्या छह हो गई। उस समय तक नागपुर, जबलपुर, भोपाल, रायपुर, इंदौर और बिलासपुर का नेटवर्क तैयार हो चुका था। यह पुराने मध्यप्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में नवभारत की व्यापक भौगोलिक उपस्थिति का प्रमाण है।
