
ग्राहक जागरूकता बढ़ाने के लिए विभाग ने ग्रामकों को अनुचित दावा अस्वीकृति, देरी, गलत बिक्री या अन्य सेवा-संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे ग्राहकों को कुछ निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करने की सलाह दी जाती है। विभाग ने बताया है कि बीमाकर्ता कंपनियों में शिकायत निवारण अधिकारी (जीआरओ) शिकायतों के निपटान के लिए नोडल अधिकारी होता है। उनके प्रत्येक कार्यालय में भी एक अधिकारी को शिकायत निवारण अधिकारी के रूप में नामित करना होता है। प्रत्येक बीमा कंपनी को शिकायत निवारण के संबंध में एक बोर्ड-स्तरीय समिति बनानी होती है।
बीमाकर्ता के डिजिटल इंटरफेस, सीधे पत्राचार या कॉल सेंटर के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक शिकायत बीमाकर्ता की शिकायत प्रबंधन प्रणाली (सीएमएस) में दर्ज की जाती है। बीमाकर्ताओं की शिकायत प्रबंधन प्रणाली और बीमा भरोसा पोर्टल एकीकृत हैं। बीमाकर्ताओं को शिकायत की तत्काल स्वीकृति देनी होती है और 14 दिनों के भीतर उसका समाधान प्रदान करना होता है। शिकायतकर्ता बीमा भरोसा पोर्टल पर लॉग इन करके अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं और उनके निवारण की प्रक्रिया पर नज़र रख सकते हैं। यह पोर्टल आईआरडीएआई द्वारा बीमा उद्योग में पॉलिसीधारकों की शिकायतों की निगरानी के लिए बनाया गया एकीकृत पोर्टल है।
इस पोर्टल पर बीमा कंपनियों के विरूद्ध शिकायत करने वाले पॉलिसीधारकों को सबसे पहले संबंधित बीमा कंपनी के शिकायत निवारण प्रकोष्ठ से संपर्क करना होगा। यदि उन्हें उचित समय सीमा के भीतर जवाब नहीं मिलता है या वे जवाब से असंतुष्ट हैं, तो वे आईआरडीएआई के पॉलिसीधारक संरक्षण एवं शिकायत निवारण विभाग के शिकायत निवारण प्रकोष्ठ से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, नागरिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 155255 या 1800-4254-732 पर कॉल करके या कंप्लेंट्स@इरडाई.इन पर ईमेल भेजकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। डाक या ईमेल के माध्यम से भेजी गई शिकायतें भी बीमा भरोसा पोर्टल पर दर्ज की जाती हैं। प्राधिकरण द्वारा संचालित कॉल सेंटर बहुभाषी सहायता प्रदान करता है और 12 भाषाओं में उपलब्ध है।
