
भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन करने और संविधान, लोकतंत्र तथा सामाजिक सद्भाव की रक्षा के संकल्प को दोहराने का दिन भी है।
दिग्विजय सिंह ने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल, बिरसा मुंडा सहित सभी ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम का उद्देश्य केवल विदेशी शासन से मुक्ति पाना नहीं था, बल्कि ऐसा राष्ट्र बनाना था, जहां प्रत्येक नागरिक को न्याय, समानता, शिक्षा, रोजगार और सम्मान मिले।
नीट सहित विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे के उपयोग को लेकर उठ रहे सवालों पर भी पारदर्शी जवाब की मांग की।
महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक किसान खुशहाल और युवाओं को सम्मानजनक रोजगार नहीं मिलता, तब तक स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ अधूरा रहेगा। उन्होंने नागरिकों से अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े होने तथा राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता की रक्षा करने का आह्वान किया।
