नई दिल्ली, NALSAR यूनिवर्सिटी द्वारा BCI के हालिया दो सर्कुलर के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल को नोटिस जारी किया है। CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने स्पष्ट किया कि यदि छात्र कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रख रहे हैं, तो BCI को इसमें दखल देने का कोई अधिकार नहीं है।
CJI और SCBA की कड़ी प्रतिक्रिया
सुनवाई के दौरान CJI ने सख्त लहजे में कहा कि BCI अनावश्यक रूप से ऐसे सर्कुलर जारी नहीं कर सकती। वहीं, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष विकास सिंह ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि BCI चेयरमैन को पूरे लीगल प्रोफेशन के मानकों का ध्यान रखना चाहिए और छात्रों के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करना जरूरी है।
छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का समर्थन
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में छात्रों का पक्ष लेते हुए कहा कि असहमति जताना और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना लोकतांत्रिक दायरे में आता है। अदालत के सख्त रुख के बाद अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही और सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

