
सतवास। मोहाई-बापचा मार्ग पर गारबाड़ी खाल नाले में बुधवार शाम अचानक बढ़े पानी ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। रपटे से गुजरते समय 3 साल का मासूम अन्याश पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। सूचना के बाद पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने देर रात तक उसकी तलाश की, लेकिन अंधेरा होने के कारण अभियान रोकना पड़ा। गुरुवार सुबह दोबारा शुरू हुए सर्च ऑपरेशन में करीब 16 घंटे बाद मासूम का शव झाड़ियों में फंसा मिला।
बताया जा रहा है कि बुधवार शाम तीन बच्चे नाले के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान पैर फिसलने से मासूम अचानक पानी की चपेट में आ गया और तेज बहाव में बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल डायल-112 को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और तलाश शुरू की गई। एसडीआरएफ की टीम के साथ सतवास पुलिस के लोकेंद्र शर्मा, रवि जाधव सहित पुलिसकर्मी भी सर्च ऑपरेशन में जुटे रहे। देर रात तक तलाश जारी रही, लेकिन अंधेरा और नाले में बढ़ा पानी अभियान में बाधा बनता रहा। इसके बाद रात में ऑपरेशन रोक दिया गया।
गुरुवार सुबह उजाला होते ही एक बार फिर सर्च अभियान शुरू किया गया। करीब 16 घंटे की तलाश के बाद टीम को झाड़ियों में मासूम का शव दिखाई दिया। शव निकालकर सतवास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।
बारिश में बढ़ता खतरा, नहीं रुक रहे हादसे-
लगातार हो रही बारिश के बीच नदी-नालों और रपटों में अचानक पानी बढ़ने से हादसों का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से लोगों को बार-बार जलभराव वाले स्थानों और रपटों से दूर रहने की अपील की जा रही है, इसके बावजूद लापरवाही के चलते लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। मासूम अनन्य की मौत के बाद क्षेत्र में चिंता और शोक का माहौल है।
