इंदौर: जिले के गौतमपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जलोदिया खेड़ा में मामूली रकम के लेन-देन को लेकर दो पक्षों में हुआ विवाद खूनी रंजिश में बदल गया। बेची गई भैंस के महज 10 हजार रुपये के विवाद में आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से एक बुजुर्ग पर लोहे की रॉड, डंडों और पत्थरों से हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। पिता को बचाने दौड़े बेटे को भी हमलावरों ने बेरहमी से पीटकर लहूलुहान कर दिया।गौतमपुरा पुलिस ने फरियादी सादिक पटेल (35) और घायल अशफाक पटेल के बयानों के आधार पर महिला सहित आठ आरोपियों के खिलाफ हत्या और जानलेवा हमले की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस के अनुसार, मृतक हाजी यूनुस पटेल (56) का गांव के ही अल्लानूर पटेल से पुरानी भैंस के बकाया 10 हजार रुपये को लेकर विवाद चल रहा था। कल सुबह करीब 8 बजे जब हाजी यूनुस अल्लानूर के घर के पास से गुजर रहे थे, तभी अल्लानूर, उसकी पत्नी रईसा बी और बेटा शेखर उन्हें रोककर गाली-गलौज करने लगे। देखते ही देखते परिवार के अन्य सदस्य इमरान, अजबनूर, अफसर, इजराल और भूरा पटेल भी हथियार लेकर मौके पर पहुँच गए।घटना की खबर मिलते ही यूनुस का बेटा अशफाक अपने भाई जुबेर के साथ पिता को बचाने दौड़ा। लेकिन तब तक बेकाबू हुए आरोपियों ने हाजी यूनुस पर लोहे की रॉड और भारी-भरकम डंडों से ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए थे।
जब अशफाक ने पिता को ढाल बनकर बचाना चाहा, तो हमलावरों ने उस पर भी जानलेवा हमला कर दिया।सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आने से 56 वर्षीय हाजी यूनुस मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। परिजन उन्हें आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुँचे, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।वारदात को अंजाम देने के बाद रईशा बी और अल्लानूर समेत सभी 8 आरोपी मौके से फरार हो गए। गौतमपुरा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाकर आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है
