छतरपुर। शासकीय अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावास क्रमांक-2, देरी रोड में रहने वाले छात्रों की शिकायत के बाद कलेक्टर मृणाल मीना ने छात्रावास अधीक्षक एवं प्राथमिक शिक्षक आशीष कुमार शुक्ला को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। छात्रों ने आवेदन देकर अधीक्षक पर अनुचित आचरण, अनुचित बातचीत और अनुचित स्पर्श सहित शारीरिक एवं मानसिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) द्वारा जांच की जा रही है। जांच निष्पक्ष तरीके से हो और संबंधित व्यक्ति की ओर से किसी प्रकार का हस्तक्षेप न हो, इसके लिए अधीक्षक को छात्रावास में पदस्थ रखना उचित नहीं माना गया।
छात्रों के आवेदन और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आशीष शुक्ला प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए। उनके आचरण को पदीय दायित्वों के निर्वहन में स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 तथा छात्रावास नियम, 2014 के प्रावधानों के विपरीत माना गया।
कलेक्टर ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए उन्हें निलंबित किया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा और उनका मुख्यालय संभागीय उपायुक्त, जनजातीय एवं अनुसूचित जाति विकास, सागर संभाग, सागर कार्यालय निर्धारित किया गया है।
पुलिस और बाल कल्याण समिति की जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
