
बैहर , बैहर विधानसभा क्षेत्र बिरसा ब्लॉक के बोन्दारी कुंडेकशा कोरका के बैगा आदिवासी अंचल का दौरा कर पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने वहां के हालातो का जायजा लिया । सरकारी स्कूल मे बने अस्थायी अस्पताल का निरीक्षण कर वहां के डॉक्टर बीमार बच्चों वा महिलाओं की जानकारी ली और डॉक्टरों को बीमारो पर विशेष ध्यान देने की बात कही, और बीमारो के लिए बनने वाले भोजन को भी खाया । पीड़ित परिवारों से मुलाकात की ।
वहां के लोगों ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे को जानकारी दी की हमारे गांव में पीने के पानी के लिए कोई सुविधा नहीं है हम आज भी नाले का गंदा पानी पीने के लिए मजबूर है ग्रामीणों ने बताया कि जिस दिन बरसात होती है उस दिन नाले में बहुत ही ज्यादा गंदा पानी आता है जो की बहुत बदबू भी करता है उसे दिन ना तो हम पीने के लिए पानी ले सकते हैं ना ही उस दिन हम उस पानी से भोजन बना सकते हैं बरसात के कई दिनों में तो हमको भूखे भी रहना पड़ता है इन बातों से आप अंदाजा लगा सकते हैं की हालत किस तरह बदतर है ।
उन्होंने मांग की बैगा आदिवासियों को संरक्षित करने के लिए सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है मगर हकीकत कुछ और है उन्होंने कहा कि बैहर विधानसभा क्षेत्र के हालात कुछ और बयान करते हैं एक तरफ देश जहां आजादी की 79वी वर्षगांठ मनाने जा रहा है मगर मैहर विधानसभा क्षेत्र के बैगा आदिवासी बहुल इलाकों में आज भी ना पीने के पानी की व्यवस्था है ना ही गांव गांव तक बिजली पहुंच पाई है ना ही पक्की सड़के है ना ही इन लोगों के लिए पक्के मकान बनाने की कोई सुविधा की गई है ना ही स्वास्थ्य लाभ के लिए कोई बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है इसी का नतीजा है कि आज एक माह के भीतर 8 बैगा आदिवासी मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है और एक सैकड़ा से अधिक बच्चे अस्पतालों में भर्ती है उन्होंने कहा कि आखिर इसकी जिम्मेदारी लेगा कौन ।
पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने बैगा आदिवासियों के लिए विशेष टास्क फोर्स बनाने की मांग की है और संरक्षित करने के लिए विशेष योजनाएं बनाने की मांग की और उनको बेहतर जीवन जीने के लिए विशेष सुविधा दी जाने की बात की है उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत पीने व नहाने के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने, 24 घंटे बिज़ली बैगा बहुल इलाकों मे दी जाए व उनके लिए पक्के मकान का निर्माण किया जाए हर गांव व टोलो पर आंगनबाड़ी केंद्र खोला जाए व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की भी सुविधा और मृत बच्चों के परिवारों को 10 लाख रुपए की सहायता राशि की मांग की है उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के तहत बैगा आदिवासी भाइयों एवं बहनों के लिए रोजगार उपलब्ध कराने की भी मांग की है और कहा अगर इन सब मांगों को अगर पूरा नहीं किया जाएगा तो आदिवासियों भाइयों के साथ बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है
