
नई दिल्ली, राज्यसभा में बुधवार को ‘लुंगी वाला’ टिप्पणी को लेकर जमकर हंगामा हुआ। सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि सदन में एक महिला सांसद ने उन्हें ‘लुंगी वाला’ कहकर संबोधित किया। वहीं नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि हर राज्य की वेशभूषा का सम्मान किया जाना चाहिए।
नड्डा ने कहा, “हम निश्चित रूप से हर राज्य की वेशभूषा का सम्मान करते हैं। हम ऐसी बातों का समर्थन नहीं करते हैं।” उन्होंने साथ ही कहा कि इस मामले में सांसद सुष्मिता देव का पक्ष भी सुना जाना चाहिए।
*जॉन ब्रिटास ने जताई आपत्ति*
राज्यसभा में बोलते हुए जॉन ब्रिटास ने कहा कि यह सदन की गरिमा और सम्मान का सवाल है। उन्होंने कहा, “भारी मन से यह मुद्दा उठा रहा हूं। यह किसी एक दल का नहीं, बल्कि सभी दलों से जुड़ा मुद्दा है।”
ब्रिटास ने कहा कि कुछ दिन पहले जब वह वैधानिक प्रस्ताव पर बोल रहे थे, तब एक सदस्य ने बार-बार उन्हें ‘लुंगी वाला, लुंगी वाला’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा, “मैं एक गर्वित भारतीय, दक्षिण भारतीय और मलयाली हूं। भारतीय संविधान देश की विविधता का सम्मान करता है। यही विविधता देश की एकता को बनाए रखती है।”
इस पर सभापति ने टोकते हुए कहा कि कोई दक्षिण भारतीय या उत्तर भारतीय नहीं होता, हम सभी सिर्फ भारतीय हैं।
*रिजिजू ने दोनों पक्ष सुनने की मांग की*
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम बिना भेदभाव के राष्ट्र की एकता के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि आरोप लगने के बाद दूसरे पक्ष को भी सुनना जरूरी है। रिजिजू ने सभापति से आग्रह किया कि यदि कोई टिप्पणी आपत्तिजनक है तो संबंधित सदस्य को बुलाकर पूरा मामला सुना जाए।
उन्होंने कहा, “इस सदन में हर सदस्य बराबर है। हम सभी समान भारतीय हैं।”
गौरतलब है कि सुष्मिता देव भाजपा से राज्यसभा सांसद हैं। हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
