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अदन,यमन सरकार ने कहा है कि लाल सागर के बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में एक कमर्शियल जहाज पर हुए ‘डबल-टैप’ मिसाइल हमले में कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई। सरकार ने इस हमले के लिए ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है।
यमन के परिवहन मंत्रालय के अनुसार हूतियों ने ‘तिहामाह’ नाम के छोटे कार्गो जहाज पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जहाज खाना लेकर जा रहा था। हमले से जहाज में आग लग गई जिसमें 4 क्रू मेंबर – 3 पाकिस्तानी और 1 इंडोनेशियाई – की मौत हो गई। 4 अन्य क्रू मेंबर और एक बचावकर्मी घायल हुए।
*रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दूसरा हमला*
मंत्रालय ने बताया कि सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होने के बाद हूतियों ने जहाज पर दोबारा हमला किया। इसे ‘रेस्क्यू टीम समेत जहाज पर मौजूद सभी लोगों की जान को खतरे में डालने’ की कोशिश बताया गया। यमन के कोस्ट गार्ड ने पुष्टि की कि मारे गए लोगों में 2 बचावकर्मी भी शामिल हैं।
*जहाज की पहचान पर उलझन*
शुरुआत में जहाज के मालिकाना हक को लेकर भ्रम था। यमन के अधिकारियों और समुद्री इंटेलिजेंस ग्रुप ‘मैरिस्क’ ने कहा था कि सऊदी अरब के स्वामित्व वाले जहाज पर हमला हुआ। हालांकि ‘मरीनट्रैफिक’ के डेटा के अनुसार ‘तिहामा’ तंजानिया के झंडे के नीचे चल रहा है और इसके मालिक मिस्र और यमन में रजिस्टर्ड कंपनियां हैं।
*सऊदी अरब की अरामको रिफाइनरी पर भी हमला*
इस बीच जेरूसलम पोस्ट के विश्लेषण में कहा गया कि पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ की पहली परीक्षा में विफलता दिखी। यमन के ईरान-समर्थित हूतियों ने जाजान में अरामको रिफाइनरी पर हमला किया, लेकिन गठबंधन की ओर से कोई सैन्य जवाब या चेतावनी नहीं आई।
हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि सऊदी अरब द्वारा सादा और हज्जा प्रांतों में किए गए ड्रोन ऑपरेशन के जवाब में रिफाइनरी को निशाना बनाया गया। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने रविवार सुबह आग लगने की पुष्टि की और बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है।
