सतना:चित्रकूट स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर रेलवे में चल रही संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं की जांच के दौरान चित्रकूट रेलवे सुरक्षा बल को बड़ी सफलता मिली। आरपीएफ की टीम ने बेतवा एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक 60 वर्षीय व्यक्ति के पास से 63 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। इतनी बड़ी रकम लेकर यात्रा कर रहे व्यक्ति से पूछताछ की गई, लेकिन वह रुपयों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद आरपीएफ ने मामले की जानकारी आयकर विभाग को दी और नकदी को नियमानुसार सुपुर्द कर दिया। हालांकि यह दावे हैं कि पूूछताछ में उक्त व्यक्ति ने आरपीएफ को बताया कि सतना से कानपुर पहुंचाने के लिए संजय उर्फ संजू ने रुपए दिए थे। बहरहाल पूरे मामले की जांच चल रही है।
सीट नंबर 19 पर बैठा था संदिग्ध
आरपीएफ के अनुसार सोमवार 10 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम और संदिग्ध व्यक्ति एवं वस्तुओं की जांच की जा रही थी। इसी दौरान ट्रेन नंबर 18203 बेतवा एक्सप्रेस में चेकिंग की गई। ट्रेन के बी-3 कोच की सीट नंबर 19 पर एक व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में यात्रा करता मिला। आरपीएफ टीम ने जब उसके सामान की जांच की तो उसके पास मौजूद पि_ू बैग और एक थैले से 63 लाख रुपए नकद बरामद हुए। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने पर टीम ने तत्काल उससे पूछताछ शुरू की। पूछताछ में पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम प्रीतम दास पुत्र स्व. चेतन दास, उम्र 60 वर्ष बताया। वह सतना जिले के रघुराजनगर तहसील व कोलगवां थाना क्षेत्र स्थित सिंधी कैंप का रहने वाला है। आरपीएफ के मुताबिक पूछताछ में प्रीतम दास ने बताया कि उसे यह रकम संजय उर्फ संजू नाम के व्यक्ति ने सतना से कानपुर पहुंचाने के लिए दी थी। हालांकि इतनी बड़ी नकदी को लेकर उसके पास कोई वैध दस्तावेज या संतोषजनक प्रमाण नहीं मिला।
आयकर विभाग को दी गई सूचना
आरपीएफ ने नकदी की बरामदगी के बाद स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पंचनामा रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद मामले की सूचना आयकर विभाग, बांदा के उपनिदेशक को दी गई। आरपीएफ ने बरामद नकदी और संबंधित व्यक्ति को नियमानुसार आयकर विभाग के सुपुर्द कर दिया है। बता दें के 15 अगस्त को लेकर आरपीएफ और रेलवे की अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा यात्रियों के सामान और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इसी अभियान के दौरान चित्रकूट आरपीएफ की टीम ने बेतवा एक्सप्रेस में यह कार्रवाई की।
