उच्चतम न्यायालय ने अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति दी

नयी दिल्ली, 10 अगस्त (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी को आंखों का इलाज कराने के लिए सोमवार को तीन सप्ताह के लिए विदेश यात्रा करने की अनुमति दे दी।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा श्री बनर्जी की विदेश यात्रा पर प्रतिबंध में ढील देने से इनकार करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को स्वीकार कर लिया। यह प्रतिबंध 2026 के राज्य विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान की गयी एक कथित भड़काऊ टिप्पणी से संबंधित मामले में गिरफ्तारी से सुरक्षा की शर्त के रूप में लगाया गया था।

न्यायालय ने श्री बनर्जी को केवल अपने राजनयिक पासपोर्ट पर यात्रा करने तथा जांच एजेंसी के साथ अपना यात्रा कार्यक्रम और ठहरने के स्थान की जानकारी साझा करने का निर्देश दिया। पश्चिम बंगाल की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने श्री बनर्जी के खिलाफ 16 मामलों और उनके वापस न लौटने की आशंका का हवाला देते हुए याचिका का विरोध किया।पीठ ने टिप्पणी की कि प्रत्येक व्यक्ति को विदेश यात्रा करने और चिकित्सा उपचार चुनने का अधिकार है।

श्री बनर्जी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि श्री बनर्जी के राजनयिक पासपोर्ट से भारतीय दूतावासों को उनकी गतिविधियों पर नजर रखने और सरकार की चिंताओं को दूर करने में मदद मिलेगी।
राज्य सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि इलाज की आवश्यकता को पहले चिकित्सकीय मूल्यांकन के माध्यम से सत्यापित किया जाना चाहिए। श्री शंकरनारायणन ने तर्क दिया कि श्री बनर्जी कानूनी प्रक्रिया का सामना करने से बच नहीं रहे हैं ,वह एक मौजूदा लोकसभा सांसद हैं। एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के महासचिव हैं और उनका परिवार भारत में रहता है।उन्होंने यह भी तर्क दिया कि पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद अनेक मामले दर्ज किये गये थे। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने इसका खंडन करते हुए कहा कि पिछली सरकार ने श्री बनर्जी के खिलाफ ऐसे मामले दर्ज नहीं किये थे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार श्री बनर्जी द्वारा विदेश में इलाज कराने के खिलाफ नहीं है, लेकिन इलाज की आवश्यकता की प्रामाणिकता पहले एक चिकित्सकीय मूल्यांकन के माध्यम से स्थापित की जानी चाहिए। इसके बावजूद पीठ ने श्री बनर्जी को तीन सप्ताह के लिए विदेश यात्रा की अनुमति दे दी। इसमें उनके राजनयिक पासपोर्ट, यात्रा कार्यक्रम और रहने के स्थान से संबंधित शर्तें यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि वे जांच एजेंसी के लिए उपलब्ध रहें और अपना इलाज पूरा करने के बाद भारत लौट आएं।

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