नयी दिल्ली 10 अगस्त (वार्ता) केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी कांग्रेस पर दोहरा मापदंड अपनाने और गैर जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाकर देश की प्रगति को बाधित करने का आरोप लगाया है।
श्री नड्डा ने सोमवार को यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि श्री गांधी संसद और देश में चल रही चर्चाओं में हर दिन अपने मुद्दे बदलते रहते हैं। उनका मकसद बातचीत करना नहीं, बल्कि अफरातफरी फैलाना है। उन्होंने कहा कि जब संसद का सत्र शुरू हुआ, तो उन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पर चर्चा की मांग की। जब हम इसके लिए तैयार हो गए, तो उन्होंने मुद्दा बदलकर राम मंदिर ट्रस्ट का मामला उठा दिया। इसके बाद उन्होंने ज़ोर दिया कि गृह मंत्री अमित शाह जंतर-मंतर की घटना पर बयान दें। असल में, उनका इरादा सदन को काम करने से रोकना है। वह नहीं चाहते कि सदन चले। इसीलिए वह पिछले 15 दिनों से कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं और साथ ही जंतर-मंतर के मुद्दे पर चर्चा की मांग भी कर रहे हैं।
श्री नड्डा ने श्री गांधी पर विद्यार्थियों के मुद्दे पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा, “आज, जब यह तय हो चुका है कि जंतर-मंतर के मामले पर चर्चा होगी, तब भी वह जनता और देश को गुमराह कर रहे हैं। वह दावा कर रहे हैं कि जंतर-मंतर पर गोलियां चलीं, जबकि असल में ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं।” उन्होंने कहा, “गृह मंत्री हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं। हमारा रुख हमेशा से यही रहा है और अब भी यही है। ‘सदन को चलने दें।’ अगर सदन चलता है, तो हम हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार हैं, जैसा कि हम हमेशा करते आए हैं।”
श्री नड्डा कहा, “मैं श्री गांधी से स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि चर्चा से मत भागिए। हम सदन के अंदर हर मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने कहा, ” इसके अलावा मैं पूछना चाहता हूं कि क्या उन्हें आज झारखंड में छात्रों की आवाज नहीं सुनाई देती है? मेरी जानकारी कहती है कि उनके (श्री गांधी) आदेश पर वहां कंटीले तारों की बाड़ लगाई गयी थी। वह वे प्रभावी रूप से वहां सरकार चला रहे हैं, क्योंकि वे इसका अभिन्न अंग हैं।”
श्री नड्डा ने कहा, , “मैं एक बार फिर श्री गांधी को चुनौती देता हूं कि सदन में आएं। हम चर्चा के लिए तैयार हैं और आपको मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।” उन्होंने कहा, ” मैं यह भी साफ करना चाहता हूं कि गलत जानकारी न फैलाएं। जंतर-मंतर पर न तो गोलियां चलाई गयीं और न ही वहां गोली चलाने का कोई आदेश दिया गया।”
