
छतरपुर। जिला अस्पताल परिसर में हुई मारपीट के मामले में ग्राम अतरार निवासी जमुना प्रसाद विश्वकर्मा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए एसपी कार्यालय में शिकायती आवेदन सौंपा है। पीड़ित का आरोप है कि अस्पताल परिसर में कुछ लोगों ने उनके साथ लात-घूंसों से मारपीट की, जिससे उनका हाथ टूट गया। इसके बाद भी कोतवाली पुलिस ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उनके खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर ली।
जमुना प्रसाद ने बताया कि 3 अगस्त को जिला अस्पताल परिसर में उनके साथ मारपीट की घटना हुई थी। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच के लिए अस्पताल प्रशासन से सीसीटीवी फुटेज निकलवाया और उसे एसपी कार्यालय में साक्ष्य के रूप में सौंपा है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से फुटेज देखकर घटना की वास्तविकता की जांच करने की मांग की है।
पीड़ित ने गांव के ही नंदराम कुशवाहा और नरेंद्र कुशवाहा पर मारपीट करने, रास्ते में रोककर धमकाने और विवाद करने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दोनों आरोपी लगातार जान से मारने और रास्ते में घेरकर मारपीट करने की धमकी दे रहे हैं।
जमुना प्रसाद ने एसपी से मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आवेदन में कहा है कि यदि भविष्य में उनके या परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
