भोपाल में आयोजित ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत की सांस्कृतिक धरोहरों की वापसी को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि वर्ष 2014 के बाद से अब तक 700 से अधिक सांस्कृतिक संपदाएं भारत वापस लाई जा चुकी हैं।
सरकार ने वर्ष 2026 तक इस संख्या को 1000 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। विदेशों में मौजूद भारत की प्राचीन मूर्तियों, कलाकृतियों और ऐतिहासिक महत्व की अन्य सांस्कृतिक संपदाओं को वापस लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान सांस्कृतिक संपदाओं की वापसी को आसान बनाने के लिए विभिन्न देशों के साथ समझौतों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर भी जोर दिया गया। भारत की विरासत की यह घर वापसी देश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
