अशोकनगर: लोकायुक्त रिश्वतखोर लाइनमैन पर लोकायुक्त का शिकंजा, 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार अशोकनगर। लोकायुक्त पुलिस ने मप्र क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एक लाइनमैन को 5 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दरअसल शिकायत के बाद लोकायुक्त की 15 सदस्यीय टीम ने बिजली विभाग (मप्र क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी) के लाइनमैन बाबूराम पटेल को पीडि़त से 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। दरअसल पीडि़त श्रीराम वैरागी ने शहर के दुर्गा नगर कॉलोनी में आटा चक्की लगाने के लिए 10 एचपी मोटर का नया कमर्शियल बिजली कनेक्शन और मीटर लगवाने के लिए विद्युत विभाग में आवेदन दिया था।
काफी समय बीत जाने के बाद भी जब कनेक्शन स्वीकृत नहीं हुआ, तो पीडि़त ने दफ्तर के चक्कर लगाने शुरू किए। इस दौरान वहां पदस्थ लाइनमैन बाबूराम पटेल ने मीटर पास करने और कनेक्शन जारी करने की एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। रिश्वत की मांग से परेशान होकर पीडि़त श्रीराम वैरागी ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर से की। शिकायत का सत्यापन कराने पर आरोप सही पाए गए। सत्यापन के दौरान लाइनमैन ने पीडि़त से 5 हजार रुपये की पहली किस्त पहले ही प्राप्त कर ली थी, जबकि शेष 5 हजार रुपये की राशि शुक्रवार को देना तय हुआ था। कार्यालय से रंगे हाथों दबोचा: लोकायुक्त पुलिस की योजना के अनुसार शक्रवार को निरीक्षक उपेंद्र दुबे के नेतृत्व में 15 सदस्यीय टीम ने विद्युत विभाग के कार्यालय के पास दबिश दी। जैसे ही पीडि़त ने केमिकल लगे 5 हजार रुपये लाइनमैन बाबूराम पटेल को सौंपे, वहां बैठी लोकायुक्त टीम ने उसे तुरंत दबोच लिया। जब आरोपी के हाथ धुलवाए गए, तो उसकी उंगलियां गुलाबी हो गईं। इनका कहना है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है। मामला मीटर पास कराने से जुड़ा है, जिसकी अनुशंसा का अधिकार लाइनमैन को नहीं होता। इसलिए इस बात की भी गहन विवेचना की जा रही है कि रिश्वत की राशि में किसी वरिष्ठ अधिकारी की संलिप्तता है या नहीं। उपेंद्र दुबे, निरीक्षक लोकायुक्त ग्वालियर
के एक लाइनमैन को 5 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दरअसल शिकायत के बाद लोकायुक्त की 15 सदस्यीय टीम ने बिजली विभाग (मप्र क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी) के लाइनमैन बाबूराम पटेल को पीडि़त से 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। दरअसल पीडि़त श्रीराम वैरागी ने शहर के दुर्गा नगर कॉलोनी में आटा चक्की लगाने के लिए 10 एचपी मोटर का नया कमर्शियल बिजली कनेक्शन और मीटर लगवाने के लिए विद्युत विभाग में आवेदन दिया था। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब कनेक्शन स्वीकृत नहीं हुआ, तो पीडि़त ने दफ्तर के चक्कर लगाने शुरू किए। इस दौरान वहां पदस्थ लाइनमैन बाबूराम पटेल ने मीटर पास करने और कनेक्शन जारी करने की एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। रिश्वत की मांग से परेशान होकर पीडि़त श्रीराम वैरागी ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर से की। शिकायत का सत्यापन कराने पर आरोप सही पाए गए। सत्यापन के दौरान लाइनमैन ने पीडि़त से 5 हजार रुपये की पहली किस्त पहले ही प्राप्त कर ली थी, जबकि शेष 5 हजार रुपये की राशि शुक्रवार को देना तय हुआ था।
कार्यालय से रंगे हाथों दबोचा:
लोकायुक्त पुलिस की योजना के अनुसार शक्रवार को निरीक्षक उपेंद्र दुबे के नेतृत्व में 15 सदस्यीय टीम ने विद्युत विभाग के कार्यालय के पास दबिश दी। जैसे ही पीडि़त ने केमिकल लगे 5 हजार रुपये लाइनमैन बाबूराम पटेल को सौंपे, वहां बैठी लोकायुक्त टीम ने उसे तुरंत दबोच लिया। जब आरोपी के हाथ धुलवाए गए, तो उसकी उंगलियां गुलाबी हो गईं।
इनका कहना है।
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है। मामला मीटर पास कराने से जुड़ा है, जिसकी अनुशंसा का अधिकार लाइनमैन को नहीं होता। इसलिए इस बात की भी गहन विवेचना की जा रही है कि रिश्वत की राशि में किसी वरिष्ठ अधिकारी की संलिप्तता है या नहीं।
उपेंद्र दुबे, निरीक्षक लोकायुक्त ग्वालियर
