
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने वह जनहित याचिका खारिज कर दी है, जिसमें खंडवा के ग्राम खैरला में अवैध रूप से विस्फोटक पदार्थ का इस्तेमाल कर ब्लास्ट किये जाने को चुनौती दी गई थी। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया व जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ को शासन की ओर से बताया गया कि पूर्व में ही अनावेदक के खिलाफ वन विभाग ने अपराध दर्ज कर मशीनरी जब्त करने की कार्रवाई की है। उक्त जवाब के बाद न्यायालय ने कहा कि जब पहले ही कार्रवाई हो चुकी है तो आगे की कार्रवाई भी गुण दोष और कानून के तहत होगी। न्यायालय ने उक्त मत के साथ दायर पीआईएल खारिज कर दी।
दरअसल यह जनहित याचिका ग्राम पंचायत खैरला के सरपंच नंदराम की ओर से दायर की गई थी। जिसमें कहा गया था अनावेदक दिनेश शर्मा ज्यादा क्षमता वाले विस्फोटक पदार्थों का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे पूरे इलाके पर बुरा असर पड़ रहा है। मामले में न्यायालय को बताया गया कि अनावेदक के पास विस्फोटक पदार्थ इस्तेमाल और स्टोर करने का लाइसेंस है। जहां तक गैर कानूनी तरीके से ट्रांसपोर्टेशन व जंगल और ग्रामीण इलाके में काम कर धमाके किये जाने की बात है तो उस पर वन विभाग ने अनावेदक के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसकी मशीनरी जब्त करने की कार्रवाई की है। जिसके बाद न्यायालय ने दायर याचिका खारिज कर दी।
