
सीधी।पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने राज्य सरकार द्वारा बसों के किराए में की गई भारी बढ़ोतरी का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने सरकार के इस फैसले को आम जनता की जेब पर सीधी चोट और पूरी तरह से जनविरोधी कदम बताया है। अजय सिंह ने कहा कि सरकार ने निजी बस संचालकों के आगे घुटने टेक दिए हैं और करोड़ों नागरिकों, छात्रों, किसानों और मजदूरों के हितों को ताक पर रख दिया है।
उन्होंने कहा कि नए नियमों के तहत अब सामान्य बसों का मूल किराया सवा रुपये से बढ़ाकर सीधे दो रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। इसके अलावा न्यूनतम किराया भी सात रुपये से बढ़ाकर सीधे दस रुपये कर दिया गया है, जिससे गरीब जनता को सबसे बड़ा झटका लगा है। सरकार द्वारा विभिन्न श्रेणियों की बसों में की गई यह मनमानी बढ़ोतरी मध्यमवर्गीय परिवारों की कमर तोड़ देगी। अब यात्रियों को रात्रि बस सेवा के लिए सामान्य किराए से 10 प्रतिशत, नॉन-एसी डीलक्स के लिए 25 प्रतिशत, स्लीपर के लिए 40 प्रतिशत, एसी डीलक्स के लिए 50 प्रतिशत और सुपर लग्जरी कोच के लिए सीधे 75 प्रतिशत अधिक किराया देना होगा।
अजय सिंह ने सरकार के उस तर्क को भी खारिज कर दिया जिसमें डीलक्स, स्लीपर और लग्जरी बसों पर अतिरिक्त नाइट चार्ज या एक्सप्रेस सेवाओं के लिए एक्स्ट्रा चार्ज न लेने की बात कही गई है। उन्होंने साफ किया कि जब मूल किराए में ही इतनी बड़ी वृद्धि कर दी गई है, तो इस कागजी राहत का जनता के लिए कोई मतलब नहीं रह जाता है। अजय सिंह ने मांग की है कि परिवहन विभाग द्वारा जारी इस जनविरोधी आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
