हड़ताल पर पटवारी, राजस्व सेवाएं प्रभावित

सीधी। मध्यप्रदेश में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब सीधी जिले में भी दिखाई देने लगा है। जिले के 350 पटवारियों के सामूहिक रूप से हड़ताल पर जाने से राजस्व विभाग, किसान कल्याण और आम नागरिकों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण ऑनलाइन और ऑफलाइन सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। इससे किसानों, विद्यार्थियों और आम लोगों को जरूरी प्रमाण पत्रों एवं राजस्व संबंधी कार्यों के लिए परेशानी उठानी पड़ सकती है।

हड़ताल के कारण खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बिक्री के लिए किसान पंजीयन का कार्य प्रभावित हो सकता है। खेतों में बोई गई फसलों की ऑनलाइन गिरदावरी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत ई-केवाईसी और भूमि सत्यापन की प्रक्रिया भी बाधित रहेगी। प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में फसल नुकसान का सर्वे और राहत राशि के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार करने का काम भी प्रभावित होगा। राजस्व विभाग से जुड़ी सेवाओं में आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों के लिए आवश्यक पटवारी सत्यापन नहीं हो सकेगा। इसके अलावा जमीन के नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, खसरा-खतौनी में सुधार तथा भू-अभिलेखों से संबंधित ऑनलाइन आवेदनों का निराकरण भी लंबित रहने की संभावना है।

हड़ताल का असर बैंकिंग और न्यायिक प्रक्रियाओं पर भी पड़ सकता है। कृषि ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड और भूमि आधारित ऋण के लिए आवश्यक पटवारी रिपोर्ट समय पर उपलब्ध नहीं होगी। वहीं तहसीलदार और एसडीएम न्यायालयों में लंबित राजस्व प्रकरणों के लिए जरूरी स्थलीय जांच रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं की जा सकेगी। पटवारी लंबे समय से वेतन विसंगति दूर करने, पदोन्नति की व्यवस्था लागू करने तथा विभिन्न भत्तों में वृद्धि की मांग कर रहे हैं। मांगों पर समाधान नहीं होने के बाद उन्होंने अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया है। यदि हड़ताल लंबी चली तो जिले में राजस्व प्रशासन की कार्यप्रणाली के साथ-साथ किसानों और आम नागरिकों से जुड़े अनेक जरूरी कार्यों पर व्यापक असर पडऩे की संभावना जताई जा रही है।

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इनका कहना है

सरकार का रुख सकारात्मक है किन्तु पटवारियों की सबसे महत्वपूर्ण मांग कैडर रिव्यू एवं समयमान वेतनमान का समाधान अब तक नहीं हो सका है। शासन द्वारा तैयार किए गए कैडर रिव्यू प्रस्ताव पर पटवारी संघ अपनी सहमति पहले ही दे चुका है लेकिन अब तक उस प्रस्ताव को लागू नहीं किया गया है। कैडर-रिव्यू लागू होने से पदोन्नति और समयमान वेतनमान दोनों समस्याओं का स्थायी समाधान संभव है। इसलिए प्रदेशभर के पटवारी इसके समर्थन में एकमत हैं।

उपेन्द्र सिंह बघेल, प्रदेशाध्यक्ष म.प्र. पटवारी संघ भोपाल

मध्यप्रदेश पटवारी संघ भोपाल के आह्वान पर अपनी 5 सूत्रीय मांगों के निराकरण ना होने से चरणबद्ध आंदोलन के तहत अनिश्चितकालीन हड़ताल एवं बस्ते जिले के सभी तहसील कार्यालय में पटवारियों जमा कर दिए गए हैं । जिले के 350 शत प्रतिशत पटवारी इस हड़ताल में शामिल हैं।

शतमन्यु विश्वकर्मा, जिलाध्यक्ष म.प्र. पटवारी संघ सीधी

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