
आलीराजपुर, कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर के मार्गदर्शन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती संघमित्रा गौतम की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में ग्रामीण नलजल योजना के संचालन, संधारण एवं प्रबंधन विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, भोपाल तथा मध्य प्रदेश जल निगम, भोपाल के तत्वावधान में किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले की समस्त ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा मध्य प्रदेश जल निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सिद्ध गोपाल वर्मा ने मध्य प्रदेश पंचायत (ग्रामीण नलजल योजना संचालन, संधारण एवं प्रबंधन) नियम, 2026 के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह नियम प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में लागू होंगे। प्रशिक्षण के दौरान ग्राम पंचायतों के अधिकार एवं दायित्व, वॉल्व सह पंप ऑपरेटर की भूमिका, जल प्रभार निर्धारण एवं संग्रहण, दंड एवं पेयजल आपूर्ति स्थगन की प्रक्रिया, नियोजन एवं वित्तीय व्यवस्था, नवीन जल कनेक्शन एवं कनेक्शन विच्छेदन, पेयजल गुणवत्ता नियंत्रण सहित अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान पेयजल की गुणवत्ता परीक्षण का व्यवहारिक प्रदर्शन भी किया गया। इसमें पानी के पीएच (pH), हार्डनेस तथा फ्लोराइड परीक्षण का लाइव डेमोंस्ट्रेशन कर प्रतिभागियों को गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक व्यक्ति तक शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना ग्राम पंचायतों का भी प्राथमिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि पेयजल व्यवस्था के साथ-साथ गांवों की स्वच्छता बनाए रखना भी पंचायतों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।उन्होंने सरपंचों एवं सचिवों को निर्देश दिए कि वे ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करें तथा सार्वजनिक स्थानों पर पानी जमा न होने दें। जहां पानी जमा हो, वहां समय-समय पर तेल का छिड़काव कराया जाए ताकि मलेरिया एवं डेंगू के मच्छरों का लार्वा विकसित न हो। उन्होंने कचरे के वैज्ञानिक एवं उचित निस्तारण के लिए भी ग्रामीणों को प्रेरित करने के निर्देश दिए।उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले हाट-बाजारों में खाद्य सामग्री को ढंककर रखने, स्वच्छ एवं स्वास्थ्यकर तरीके से खाद्य पदार्थों का विक्रय सुनिश्चित कराने तथा खाद्य स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती माथुर ने सभी ग्राम पंचायतों से आदर्श ग्राम पंचायत के रूप में विकसित होने का अनुरोध करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत भवनों को भी आदर्श स्वरूप प्रदान किया जाए। उन्होंने पंचायत भवनों में बच्चों के लिए पुस्तकालय (लाइब्रेरी) स्थापित करने की दिशा में भी आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्रीमती माथुर द्वारा ग्राम पंचायत सरपंचों को वाटर टेस्ट किट का प्रदाय किया गया।
