सोल, 04 अगस्त (वार्ता) दक्षिण कोरिया ने मंगलवार को जापान की उस रक्षा रिपोर्ट पर कड़ा विरोध जताया, जिसमें विवादित डोकडो द्वीपों पर फिर से उसने अपना दावा किया है। दक्षिण कोरिया ने जापान से यह दावा तुरंत वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी किसी भी कार्रवाई का सख्ती से जवाब दिया जाएगा। योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, जापान की रक्षा रिपोर्ट में डोकडो द्वीपों को अपना हिस्सा बताए जाने के बाद दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने जापानी दूतावास के उप-प्रमुख काजुओ त्सुचिया को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पार्क डू-सून ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, “सरकार डोकडो पर जापान के बार-बार किए जा रहे अन्यायपूर्ण दावों का कड़ा विरोध करती है, जो ऐतिहासिक, भौगोलिक और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत स्पष्ट रूप से हमारा अपना क्षेत्र है। हम इसे तुरंत वापस लेने का आग्रह करते हैं।”
श्री पार्क ने कहा कि जापान के इस दावे से डोकडो द्वीपों पर दक्षिण कोरिया के अधिकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि डोकडो से जुड़ी किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का दक्षिण कोरिया सख्ती से जवाब देगा। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने भी जापानी सैन्य अताची ताकेशी नागयोशी को तलब कर विरोध दर्ज कराया। मंत्रालय ने जापान से यह दावा वापस लेने और भविष्य में दोबारा ऐसा दावा न करने की मांग की। जापान की कैबिनेट ने मंगलवार को अपनी वार्षिक रक्षा रिपोर्ट को मंजूरी दी, जिसमें एक बार फिर इन द्वीपों पर अपनी संप्रभुता का दावा किया गया है। दक्षिण कोरिया में इन्हें डोकडो और जापान में ताकेशिमा के नाम से जाना जाता है।
इस रिपोर्ट में दक्षिण कोरिया को जापान का अहम पड़ोसी और साझेदार भी बताया गया है। इसमें दोनों देशों से क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से मिलकर निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने की बात कही गई है।
उत्तर कोरिया के रूस के साथ बढ़ते सैन्य सहयोग और चीन के बढ़ते क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच जापान और दक्षिण कोरिया ने हाल के वर्षों में अपने सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने का प्रयास किया है। हालांकि, डोकडो को लेकर चल रहा क्षेत्रीय विवाद उनके संबंधों के सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक बना हुआ है। वर्तमान में जापान सागर (पूर्वी सागर) में स्थित इन द्वीपों पर दक्षिण कोरिया का प्रभावी नियंत्रण है और वहां सुरक्षा के लिए एक स्थायी पुलिस टुकड़ी तैनात है।

